सीहोर। दीपावली पर हर घर में दीप जलते हैं, हर आंगन रोशनी से सजता है और हर परिवार खुशियां मनाता है, लेकिन जब किसी ऐसे चेहरे पर मुस्कान खिलती है, जिसकी खुशी के लिए हम कुछ पल निकालते हैं, तब त्योहार का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। कभी-कभी किसी को दिया गया छोटा-सा उपहार उसके लिए पूरी दुनिया की खुशी बन जाता है। कुछ ऐसी ही खुशियों, स्नेह और अपनत्व से भरी दीपावली गुरुवार को कोलीपुरा के समीप स्थित वसुंधरा विशेष विद्यालय में देखने को मिली, जहां अग्रसोच सोशल फाउंडेशन (पंजी.), सीहोर ने दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली का पर्व मनाकर उनके जीवन में खुशियों के रंग भरने का प्रयास किया।
यह आयोजन महज दीपावली मिलन का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देने वाली एक संवेदनशील पहल थी कि खुशियों पर हर व्यक्ति का समान अधिकार है। दिव्यांग बच्चे भी उतने ही सपने देखते हैं, उतनी ही उमंग से त्योहारों का इंतजार करते हैं और उन्हें भी स्नेह, सम्मान तथा प्रोत्साहन की उतनी ही आवश्यकता होती है। जरूरत है तो बस उन्हें अपनेपन के साथ स्वीकार करने और उनकी प्रतिभा को पहचान देने की।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों पर गूंजती तालियां केवल उनके प्रदर्शन की सराहना नहीं थीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और हौसले को मिला सम्मान भी थीं।
बच्चों के चेहरों पर उत्साह देखते ही बन रहा था। उनके लिए यह दिन कुछ अलग था। विद्यालय का वातावरण गीत, संगीत, तालियों और खिलखिलाहट से भर गया। उनकी आंखों में चमक और चेहरे पर प्रसन्नता देखकर उपस्थित लोगों के चेहरे भी खिल उठे।
मिठाई और उपहार पाकर खिल उठे चेहरे
दीपावली के इस आयोजन में बच्चों को मिठाई, उपहार, पुरस्कार, आतिशबाजी एवं अन्य सामग्री भेंट की गई। उपहार पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। कोई मिठाई पाकर प्रसन्न था तो कोई अपने उपहार को उत्सुकता से निहार रहा था। आतिशबाजी और दीपावली की सामग्री मिलने पर उनके उत्साह में और वृद्धि हुई।
उनके चेहरों पर उभरती निश्छल मुस्कान ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। उस समय ऐसा महसूस हो रहा था कि दीपावली की सारी रोशनी इन बच्चों की मुस्कान में सिमट आई है।
किसी बच्चे के हाथ में उपहार था, किसी की आंखों में खुशी की चमक और किसी के चेहरे पर ऐसी मुस्कान, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं। उन पलों ने यह सिखाया कि खुशियां बांटने के लिए बहुत कुछ होना जरूरी नहीं, किसी के लिए कुछ करने का सच्चा भाव होना जरूरी है।
अतिथियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार बलजीत सिंह ठाकुर रहे। विशेष अतिथि के रूप में अखिलेश गुप्ता, पंडित शैलेश तिवारी, तेज सिंह ठाकुर, ए.आर. शेख मुंशी, समाजसेवी नरेंद्र गोस्वामी, राधेश्याम शर्मा, उमर परवेज, प्रमोद गौतम, श्रीमती सीमा सक्सेना एवं श्रीमती अनीता गुप्ता उपस्थित रहे।
वसुंधरा विशेष विद्यालय के संचालक अर्जुन सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए विद्यालय की गतिविधियों और विशेष बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने अतिथियों एवं संस्था के सदस्यों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि बलजीत सिंह ठाकुर सहित अन्य अतिथियों ने अग्रसोच सोशल फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विशेष बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार मनाना समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने वाला कार्य है। ऐसे प्रयास बच्चों का उत्साह बढ़ाने के साथ समाज को भी सकारात्मक संदेश देते हैं।
सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित है अग्रसोच
अग्रसोच सोशल फाउंडेशन के संस्थापक आशीष गुप्ता अग्रवाल ने संस्था की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना है।
उन्होंने कहा कि दीपावली पर विशेष बच्चों के बीच पहुंचने का विचार इसी भावना से आया कि त्योहार की खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। इन बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्साह देखकर मन गर्व और प्रसन्नता से भर जाता है। हमें इन्हें किसी सहानुभूति की दृष्टि से नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और अपनत्व के भाव से देखना चाहिए। इनके सपनों को प्रोत्साहन देना और इन्हें समाज की मुख्यधारा में समान अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि संस्था भविष्य में भी सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंदों के बीच पहुंचने का प्रयास जारी रखेगी।
यूट्यूबर्स का स्वागत एवं सम्मान
इस अवसर पर यूट्यूबर श्रीमती पूनम राठौर, कुमारी यशिका सरकार, प्रियंका राजपूत एवं सपना साहू का संस्था की ओर से स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से मनोज दीक्षित मामा, विवेक रुठिया, चेतन राय, कुंजीलाल परमार एवं अतुल शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप नागरिया ने किया।
एक मुस्कान, जो बहुत कुछ कह गई...
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों, उनके उत्साह और उपहार पाकर खिलखिलाते चेहरों ने उपस्थित लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि हम अक्सर अपनी खुशियों के लिए बहुत कुछ जुटाते हैं, लेकिन किसी दूसरे के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए कभी-कभी केवल थोड़ा-सा समय, स्नेह और अपनापन ही पर्याप्त होता है।
इन बच्चों ने अपनी मुस्कान से बता दिया कि खुशी किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। सपनों की कोई सीमा नहीं होती और प्रतिभा किसी शारीरिक परिस्थिति की पहचान नहीं होती। जरूरत है तो बस अवसर, प्रोत्साहन और सम्मान की।
अग्रसोच सोशल फाउंडेशन का यह दीपोत्सव केवल एक दिन का आयोजन बनकर नहीं रहा, बल्कि यह याद दिला गया कि समाज की असली समृद्धि तभी है, जब उसकी खुशियों में हर चेहरा शामिल हो। क्योंकि दीपावली का एक दीप घर को रोशन करता है, लेकिन किसी के जीवन में जगाई गई उम्मीद की रोशनी लंबे समय तक चमकती रहती है।

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