दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की सातवें वेतनमान सहित विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन 25 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण की मांग, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय में सौंपा ज्ञापन


सीहोर। मध्यप्रदेश कार्यभारित कर्मचारी एवं दैनिक वेतन भोगी श्रमिक महासंघ ने प्रदेश में लंबे समय से सेवाएं दे रहे दैनिक वेतन भोगी एवं स्थाई कर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश मंत्री विनोद बोयत के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर सौंपा। ज्ञापन का वाचन नगर अध्यक्ष महेश महेश्वरी ने किया। महासंघ ने कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने, अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता प्रदान करने, नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्थाई कर्मियों के नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग उठाई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पिछले 25 से 30 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महासंघ के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक तथा उपमुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता में स्थाई कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने की बात कही गई थी। वहीं, वित्त विभाग द्वारा जारी 22 दिसंबर 2025 के परिपत्र में स्थाई कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने एवं नियमितीकरण के संबंध में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से कर्मचारियों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।


ज्ञापन में सामान्य प्रशासन विभाग के 7 अक्टूबर 2016 के पत्र का उल्लेख करते हुए कहा गया कि स्थाई कर्मियों के नियमितीकरण से संबंधित प्रावधानों पर भी स्पष्टता आवश्यक है। महासंघ ने शासन से मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान किया जाए।

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ये हैं महासंघ की प्रमुख मांगें

महासंघ ने मांग की कि प्रदेश के सभी अकुशल एवं अर्द्धकुशल स्थाई कर्मियों को कार्यभारित कर्मचारियों के समान 15,500 से 49,000 रुपये का सातवां वेतनमान तथा कुशल स्थाई कर्मियों को 18,000 से 56,000 रुपये का सातवां वेतनमान स्वीकृत किया जाए।

इसके साथ ही दैनिक वेतन भोगी, स्थाई कर्मी, मस्टर कर्मी एवं सुरक्षा श्रमिकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता देने, स्थाई कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान अर्जित अवकाश एवं अन्य लाभ प्रदान करने तथा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ते का प्रावधान करने की मांग की गई।

महासंघ ने दैनिक वेतन भोगी अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई कर्मियों के समान वेतनमान देने और वेतन संबंधी अंतर समाप्त करने, स्थाई कर्मियों, दैनिक वेतन भोगियों, सुरक्षा श्रमिकों, मस्टर कर्मियों एवं अंशकालीन कर्मचारियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना का लाभ देने की मांग भी रखी।

इसके अतिरिक्त वन विकास निगम, श्रम कल्याण मंडल, वन विभाग, विश्वविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों, विद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों तथा नगरीय निकायों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, मस्टर एवं अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन कर दैनिक वेतन भोगी के रूप में मान्यता देने तथा पात्र कर्मचारियों को स्थाई कर्मी का दर्जा देकर नियमित करने की मांग की गई। कार्यभारित कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

महासंघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भारतीय मजदूर संघ मध्यप्रदेश एवं महासंघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा कर कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निराकरण किया जाए।



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