सीहोर। सीहोर, शाजापुर और भोपाल जिले के किसानों का सीहोर विद्युत मंडल के खिलाफ आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सीहोर और शाजापुर जिले के किसानों ने पार्वती नदी में जल सत्याग्रह कर थाली बजाकर विरोध जताया, वहीं भोपाल जिले के ग्राम टीलाखेड़ी सहित आसपास के किसानों ने शनीवार को कुलासी नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया।
किसान नेता प्रहलाद हाड़ा के अनुसार, ग्राम भैंसा-नागिन में करीब पांच माह पूर्व खेत में काम कर रहे किसान की झूलती 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा ग्राम ढाबला में किसान की मौत, बरबेली में किसान के गंभीर रूप से घायल होने तथा ग्राम मोरिया में महिला किसान की विद्युत लाइन की चपेट में आने से मौत का मामला सामने आया है। ग्राम कुलास कला में करंट लगने से गाय की मौत होने की बात भी किसानों ने कही है।
किसानों का आरोप है कि झूलती विद्युत लाइनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। किसान सीहोर विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं श्यामपुर के सहायक यंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि लाइनमैन स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
किसान एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में करीब 25 गांवों के 500 से अधिक किसान पिछले दो माह से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री, राज्यपाल, विद्युत मंडल के एमडी ऋषि गर्ग, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं।
बिजली बिलों में राहत की भी मांग
रविवार को किसान अनीश मियां, पूर्व सरपंच, किसान रफीक, ग्राम धोबीखेड़ी, भगवानसिंह मेवाड़ा, ग्राम बड़वेली तथा टीलाखेड़ी, देवली के पूर्व सरपंच इरफान भाई सहित किसानों ने कहा कि गांवों से खेतों तक विद्युत लाइनें झूल रही हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। किसानों ने घरेलू कनेक्शनों पर अधिक बिजली बिल आने की समस्या का निराकरण करने और बिलों में राहत देने की मांग की।
किसानों ने कहा कि समय रहते विद्युत लाइनों को दुरुस्त करने, बिजली बिलों की समस्या का समाधान करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने कहा कि वे अलग-अलग गांवों में धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे और जरूरत पडऩे पर भोपाल से दिल्ली तक आंदोलन ले जाकर जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री जी से न्याय की मांग करेंगे।

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