सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पर बुधवार से पांच दिवसीय हरतालिका तीज विशेष ऑनलाइन श्री शिव महापुराण कथा का सादगी के साथ शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भादो मास में भगवान शिव की आराधना और कथा श्रवण के महत्व पर प्रकाश डाला। ऑनलाइन कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु अपने घरों में रहकर कथा का श्रवण कर सकेंगे।
कथा के शुभारंभ अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि भादो मास में होने वाली हरतालिका तीज विशेष ऑनलाइन शिव महापुराण कथा को परिवार के साथ घर पर बैठकर श्रद्धा और विश्वास के साथ सुनें। उन्होंने कहा कि शिव कथा मनुष्य को जीवन के संघर्षों के बीच सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
बैंक में धन रखो और शिव में मन रखो
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि बैंक में धन रखो और शिव में मन रखो, आपका जीवन सुखमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक में रखा धन कम या ज्यादा हो सकता है, लेकिन भगवान शिव के प्रति मन और विश्वास हमेशा पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने माला का उदाहरण देते हुए कहा कि माला को पकड़ोगे तो मालामाल हो जाओगे। कथा के दौरान उन्होंने देवराज और बिंदुक सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए भगवान शिव की भक्ति और विश्वास का महत्व समझाया।
जीवन में चार तरह के जादू का किया उल्लेख
पंडित मिश्रा ने कहा कि मनुष्य के जीवन में कई तरह के आकर्षण और प्रभाव होते हैं। उन्होंने चार प्रमुख जादू का उल्लेख करते हुए सुंदरता, राग, लक्ष्मी और भाग्य को जीवन को प्रभावित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि केवल जिंदा रहना और जिंदगी जीना दोनों अलग-अलग बातें हैं। मनुष्य को भगवान शिव के आश्रित होकर जीवन जीना चाहिए। शिव का स्मरण और उनकी भक्ति मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में धन-संपत्ति के साथ मन की शांति भी जरूरी है। यदि मन भगवान शिव के चरणों में स्थिर है तो व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है।
डॉक्टर का इलाज और शिव पर विश्वास जरूरी
ऑनलाइन कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं द्वारा भेजे गए पत्रों और उनके अनुभवों का भी उल्लेख किया। महाराष्ट्र के हिंगोली निवासी लक्ष्मण साखराम के पत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि लक्ष्मण के पेट में गांठ थी। उनकी बहन ज्योति ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के साथ परिवार द्वारा भगवान शिव के प्रति आस्था बनाए रखी गई। उन्होंने कहा कि बीमारी में चिकित्सकीय उपचार जरूरी है, साथ ही भगवान शिव पर विश्वास भी मन को संबल देता है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि डॉक्टर का इलाज और शिव पर विश्वास दोनों जरूरी हैं। कथा के दौरान उन्होंने ऐसे अनेक श्रद्धालुओं के पत्रों और उनके अनुभवों का उल्लेख किया, जिनमें लोगों ने भगवान शिव की भक्ति से मिले मानसिक संबल और सकारात्मक परिवर्तन की बात कही।
पांच दिनों तक घर बैठे सुन सकेंगे शिव महापुराण
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम से शुरू हुई पांच दिवसीय ऑनलाइन शिव महापुराण कथा को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में उत्साह है। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहेगी। आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को घर बैठे शिव महापुराण कथा से जोड़ना है। भादो मास और हरतालिका तीज के अवसर पर आयोजित इस विशेष कथा में भगवान शिव की महिमा, भक्ति, विश्वास और जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जा रहा है।

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