सीहोर। राष्ट्रीय कवि संगम सीहोर जिला इकाई एवं जनसहयोग सेवा समिति के बैनर तले शहीद सरदार भगत सिंह की जयंती पर स्थानीय फ्री गंज मण्डी सीहेार में काव्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार हीरालाल अनाड़ी ने की। उपस्थित साहित्यकार एवं कविगणों ने शहीद भगत सिंह के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर काव्यगोष्ठी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.विजेन्द्र जायसवाल ने किया। माँ सरस्वती वन्दना युवा कवि लक्ष्मण चौकसे ने की। उपस्थित साहित्यकारों ने राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल जी के स्वर्गवास होने पर दो मीनिट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा को शांति प्राप्ती हेतु ईश्वर से प्रार्थना की एवं उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हीरालाल जायसवाल ने शहीद भगतसिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अपनी कविता के माध्यम से कहा कि फांसी के फंदे को गले का हार बनाया, हँसते-हँसते भगत सिंह ने देश के लिए जीवन कुर्बान किया। उनका साहस और जज़्बा आज भी हर युवा के दिल में देशभक्ति की अलख जगाता है।
कैलाश चौहान ने कहा भारत माता की आजादी का दीप अपने लहु से जलाया वह भगत सिंह कहलाये। डॉ.विजेन्द्र जायसवाल ने कहा कि कई सपूतों ने देदी देश पर अपनी जान, ऐसे वीरों भी आओं अभिनन्दन कर लें। लक्ष्मण चौकसे ने कहा कि मैं उस व्यक्ति की खोज कर रहा हूं जो मुझे रोशनी दे, प्रेरणा गुरु मंत्र दे ताकि मैं अपनी मंजिल तक पहुंच सकुं। उपस्थित स्त्रोता देश भक्ति की कविता सुनकर भाव विभोर हो गये। अंत में आभार समिति अध्यक्ष लक्ष्मण चौकसे

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