सीहोर, 21 सितम्बर 2026 मध्यप्रदेश के शासकीय हाई एवं हायर सेकंडरी में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के जीवन कौशल, मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और समग्र वेल-बीइंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘उमंग है तो ज़िंदगी में रंग है’ थीम पर स्कूल शिक्षा विभाग एवं यूएनएफपीए के संयुक्त तत्वावधान प्रदेश में उमंग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के 9 हजार 339 शासकीय हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों के करीब 22 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। यह आयोजन प्रदेश के सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में एक साथ संचालित होगा।
उमंग दिवस के माध्यम से किशोर-किशोरियों को जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, अपनी भावनाओं को समझने, आत्मविश्वास बढ़ाने और एक-दूसरे के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता विकसित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ आवश्यकतानुसार सहायता एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
उमंग त्रिवेणी से जीवन कौशल, समानता और आत्मरक्षा पर जोर
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘उमंग त्रिवेणी’ फ्रेमवर्क के माध्यम से तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ‘उमंग SHWP’ के अंतर्गत WHO के 10 प्रमुख लाइफ स्किल्स को विकसित करने, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा 14425 हेल्पलाइन के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इसी तरह ‘उज्ज्वल’पहल के माध्यम से विद्यार्थियों, विशेषकर लड़कों को ‘जेंडर चैंपियन’ के रूप में तैयार करने, रूढ़िवादी धारणाओं को चुनौती देने, आपसी सम्मान और लैंगिक समानता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। ‘सशक्त’ पहल से छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुणों से परिचित कराने के साथ शारीरिक स्वायत्तता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए भी विशेष गतिविधियां
कार्यक्रम को अधिक समावेशी बनाने के लिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए UNFPA के सहयोग से गतिविधि-आधारित विशेष मार्गदर्शिका तैयार की गई है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 110 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा 9,449 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
स्कूल स्तर पर 150 मिनट की होगी विशेष गतिविधि
स्कूल स्तर पर 150 मिनट की विशेष गतिविधि होगी। ढाई घंटे का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उमंग एंथम, ‘मेरी पाती' ड्रॉप-बॉक्स की स्थापना (सवालों के गोपनीय समाधान के लिए), 4 एम्पावरमेंट स्टेशन्स (ड्रीम कैचर, ‘सशक्त' सेल्फ डिफेंस, ‘उज्ज्वल' रोल प्ले और व्हिस्पर गेम) और ‘रंग-ए-उमंग' वॉल जैसी रोचक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
प्रत्येक स्कूल में बनेगा संवेदनशील और सकारात्मक माहौल
विद्यार्थियों के भावनात्मक स्वास्थ्य और मानसिक वेल-बीइंग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय के लिए विशेष जागरूकता पोस्टर मुद्रित कर वितरित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य विद्यालय परिसर में ऐसा सकारात्मक और संवेदनशील वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थी अपनी बात सहजता से रख सकें और आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकें। उमंग कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किशोर-किशोरियों को जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और संवेदनशील नागरिक बनाने का एक सशक्त प्रयास है
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