सीहोर, 08 सितम्बर 2026 लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय-सीमा में नागरिकों को सेवाएं न देना जिले में राजस्व अधिकारियों को भारी पड़ रहा है। सीहोर कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी के मामलों की समीक्षा के बाद जिले के तीन तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने के मामले में आष्टा अपर तहसीलदार श्री रामलाल पगारे, इछावर नायब तहसीलदार श्री ललित सोनी और सीहोर नायब तहसीलदार अविनाश सोनानिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कलेक्टर श्री बालागुरु के. द्वारा गत 7 सितम्बर को आयोजित समय-सीमा बैठक में लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उनके कार्यक्षेत्र में अविवादित नामांतरण, भूमि का सीमांकन एवं कानूनी बाध्यता प्रमाण-पत्र का आवेदन समय-सीमा के बाहर लंबित पाया गया।
कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस के अनुसार अविवादित नामांतरण संबंधी एक-एक आवेदन 5 सितम्बर 2026 से लंबित है। नोटिस में कहा गया है कि समय-सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं कराना घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने अपर तहसीलदार श्री रामलाल पगारे, नायब तहसीलदार श्री ललित सोनी को निर्देशित किया है कि लंबित सेवा के संबंध में यथोचित कारण संबंधित एसडीएम की अनुशंसा सहित तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करें। कारण संतोषजनक नहीं पाए जाने अथवा विलंब की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसी प्रकार जारी नोटिस के अनुसार भूमि का सीमांकन और कानूनी बाध्यता प्रमाण-पत्र संबंधी दो आवेदन 3 सितम्बर 2026 से लंबित पाए जाने पर कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने नायब तहसीलदार श्री अविनाश सोनानिया को निर्देशित किया है कि लंबित सेवा के संबंध में यथोचित कारण संबंधित एसडीएम की अनुशंसा सहित तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करें। कारण संतोषजनक नहीं पाए जाने अथवा विलंब की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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