सीहोर। श्री राम गौशाला एवं श्री माधव महाकाल आरोग्य आश्रम परिसर में गत 2 सितंबर को हुई कार्रवाई को लेकर संत समाज एवं सकल हिंदू समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी विरोध के स्वरूप 10 सितंबर, गुरुवार को प्रातः 11 बजे कलेक्टर कार्यालय सीहोर पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संत समाज के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम में सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के महामंडलेश्वर, कथा वाचक, कर्मकांडी ब्राह्मण, पुजारी, मठ-मंदिरों के प्रमुख, साधु-संत एवं हिंदू समाज के प्रतिनिधि एवं भारतवर्ष से गोसेवक शामिल होंगे।
समाज का आरोप है कि 2 सितंबर को तहसीलदार अमित सिंह के नेतृत्व में श्री राम गौशाला एवं आश्रम परिसर की बाउंड्री वॉल तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस दौरान दो अनुसूचित जाति के गौसेवकों के साथ कथित मारपीट किए जाने और उनके गंभीर रूप से घायल होने का आरोप भी सामने आया है।
घटना के बाद से संत समाज, मंदिर प्रमुखों एवं सकल हिंदू समाज में नाराजगी बनी हुई है। समाज का कहना है कि गौशाला, मठ और मंदिर केवल भवन नहीं, बल्कि सेवा, आस्था और सामाजिक सरोकार के केंद्र हैं। ऐसे स्थानों पर की गई कार्रवाई को लेकर प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
ज्ञापन में तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी। इसके साथ ही घायल गौसेवकों को न्याय दिलाने, कथित मारपीट की जांच करने तथा दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग भी की जाएगी।
संत समाज की ओर से मांग रखी जाएगी कि गौशाला, आश्रम, मठ-मंदिर एवं धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में उचित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
संत समाज ने स्पष्ट किया है कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि गौसेवा, धार्मिक आस्था, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
अब नजर 10 सितंबर पर
कलेक्टर कार्यालय में होने वाले इस ज्ञापन कार्यक्रम में प्रदेश और देशभर से संत समाज एवं गौसेवकों के शामिल होने की बात कही गई है। तहसीलदार की भूमिका की जांच और दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग इस पूरे मामले का प्रमुख मुद्दा रहेगी।

0 Comments