सीहोर। सावन मास में भगवान शिव के प्रति आस्था और विश्वास का अद्भुत नजारा शहर के सीवन नदी तट से प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु करीब 11 किलोमीटर के तीर्थ पथ पर पैदल कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। कई शिवभक्त धूप में नंगे पैर तो कई दंडवत करते हुए अपनी आस्था की यात्रा पूरी कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए मार्ग में अनेक स्थानों पर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा चाय, बिस्किट, नाश्ता, पेयजल, फलाहार और खिचड़ी सहित अन्य सामग्री का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है। सेवा पंडालों में बड़ी संख्या में सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग इन दिनों शिवभक्ति से सराबोर दिखाई दे रहा है।
निंदा करने वालों की चिंता नहीं, भगवान पर विश्वास रखो : पंडित प्रदीप मिश्रा
इधर ऑनलाइन श्री कांवड़ शिव महापुराण के तीसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को जीवन में आलोचना और निंदा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आलोचक और निंदक हमें अपनी गलतियों को सुधारने तथा बेहतर इंसान बनने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्र में निंदा करने वाले अनेक लोग मिल जाते हैं। कई बार हमारी जुबान से भी किसी व्यक्ति के बारे में गलत बात निकल जाती है। यदि ऐसा हो जाए तो व्यक्ति को तत्काल उसका पश्चाताप करना चाहिए और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों की निंदा की चिंता करने के बजाय भगवान पर विश्वास और अपनी भक्ति पर भरोसा रखना चाहिए।
मंदिरों में भीड़ है, लेकिन विश्वास और भरोसा जरूरी
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि इन दिनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। हजारों और लाखों लोग भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे हैं, लेकिन केवल भीड़ का हिस्सा बनना ही भक्ति नहीं है। भगवान पर विश्वास और शिव पर भरोसा होना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति में दिखावे से अधिक महत्व श्रद्धा और विश्वास का है। मनुष्य को भगवान के प्रति अपना विश्वास मजबूत रखना चाहिए।
जल के साथ आस्था का संबंध
शिव आराधना का महत्व बताते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान को पाने का मूल मंत्र भरोसा है। जब श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करता है और उसके साथ अपनी आस्था एवं विश्वास भी समर्पित करता है, तो परमात्मा की करुणा उस पर बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को श्रद्धा से जल अर्पित करते हुए अपने मन में विश्वास रखना चाहिए। सच्ची आस्था मनुष्य को कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है।
श्रद्धालुओं के पत्रों का किया उल्लेख
ऑनलाइन कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं द्वारा भेजे गए अनेक पत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने उत्तरप्रदेश की मीरा वर्मा, पति मुकेश वर्मा के पत्र का जिक्र करते हुए बताया कि उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। उनके बेटे को कैंसर होने पर इलाज के साथ भगवान शिव पर विश्वास बनाए रखा गया। परिवार द्वारा धार्मिक आस्था के साथ रुद्राक्ष धारण किया गया और पशुपति व्रत भी किया गया। उन्होंने इसे भगवान की कृपा बताते हुए कहा कि इलाज के साथ भगवान पर विश्वास मजबूत रखना भी आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में चिकित्सा और आवश्यक उपचार के साथ मन को मजबूत रखते हुए भगवान पर आस्था बनाए रखना चाहिए।
10 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त को मध्यप्रदेश इंफ्लुएंसर के तत्वावधान में भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा दोपहर 1 बजे शहर के सीवन नदी तट से प्रारंभ होगी और कुबेरेश्वरधाम तक जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर सेवा कार्य भी किए जाएंगे। सावन के दूसरे सोमवार को सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक निकलने वाली यह कांवड़ यात्रा आस्था, विश्वास, सेवा और शिवभक्ति का बड़ा संगम बनेगी।

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