सीहोर। मध्य प्रदेश शासकीय अधिकारी-कर्मचारी जनकल्याण संघ ने पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) की घोषणा में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों के बीच पारस्परिक सहमति की अनिवार्यता समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। संघ ने इसे पेंशनरों के हित में एक ऐतिहासिक एवं सराहनीय कदम बताया है।
संघ के प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र प्रेषित कर इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई 2026 को दोनों राज्यों के वित्त सचिवों द्वारा इस संबंध में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद पेंशनरों के लिए डीए स्वीकृति की प्रक्रिया अधिक सरल और समयबद्ध हो सकेगी।
रामगोपाल सेन ने कहा कि अब मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को भी केंद्र सरकार के समान समय पर महंगाई भत्ते का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने इसे लंबे समय से लंबित पेंशनरों की मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से हजारों पेंशनरों को राहत मिलेगी और भविष्य में महंगाई भत्ते की घोषणा अनावश्यक प्रशासनिक विलंब से प्रभावित नहीं होगी।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासकीय अधिकारी-कर्मचारी जनकल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन सहित बी.एम. सिंह सिसोदिया, सिद्धू सिंह ठाकुर, पी.के. श्रीवास्तव, शंकर शर्मा, बी.एस. देवड़ा, आलोक शर्मा, इंदर सिंह वर्मा, महेश बगबैया, मूलचंद दहेलिया, मोहन सोनगरा, मदनलाल वर्मा, भगवती प्रसाद गेहलोत, बलराम सिसोदिया, बहादुर सिंह परमार, सुनील भार्गव, चंद्रकांति श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय का स्वागत

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