वर्षा ऋतु में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी

सीहोर, 23 जुलाई, 2026     स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नागरिकों को आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। वज्रपात एक गंभीर प्राकृतिक आपदा है, लेकिन समय रहते सतर्कता अपनाकर जन-धन की हानि से काफी हद तक बचा जा सकता है।

    सीएमएचओ डॉ सुधीर डेहरिया ने बताया कि मौसम खराब होने और बिजली चमकने की स्थिति में तुरंत किसी पक्के भवन या बंद वाहन में शरण लें। बिजली कड़कने की आवाज सुनाई देने के बाद कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर ही रहें। खेत, खुले मैदान, नदी, तालाब, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा ऊंचे स्थानों से तुरंत दूर चले जाएं। यदि खुले स्थान पर फंस जाएं और आसपास कोई सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो तो दोनों पैरों को मिलाकर उकड़ूं बैठ जाएं तथा जमीन पर लेटने से बचें।

   उन्होंने कहा कि वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हुए 108 एम्बुलेंस की सहायता से निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचाएं। साथ ही छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को खराब मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने दें। बिजली चमकने के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, टेलीफोन पोल, धातु के टावरों तथा पहाड़ियों के पास खड़े न हों। ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, साइकिल, रिक्शा एवं अन्य खुले वाहनों से यात्रा करने से बचें। इस दौरान मोबाइल चार्जिंग, विद्युत उपकरणों, तारयुक्त टेलीफोन तथा धातु की पाइप या ग्रिल को स्पर्श न करें। इसके अलावा खुले बरामदे, टीन या लोहे की छत, निर्माणाधीन भवन एवं खुली पार्किंग में शरण न लें तथा पानी में खड़े रहने या तालाब, नदी एवं हैंडपंप के पास जाने से भी बचें। धातु के औजारों एवं विद्युत चालक वस्तुओं का उपयोग भी नहीं करना चाहिए।

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