सीहोर, 07 जुलाई, 2026 वर्षा ऋतु के दौरान जलजनित बीमारियों रोकथाम के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन किया जा रहा है। अभियान के तहत हैंडपंपों, नल-जल योजनाओं तथा अन्य पेयजल स्रोतों में क्लोरीन डाला जा रहा है, ताकि नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
विभाग द्वारा पेयजल की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी भी रखी जा रही है। इसके लिए विभिन्न स्थानों से जल के नमूने एकत्र कर पेयजल परीक्षण किट के माध्यम से उनकी जांच की जा रही है। परीक्षण के आधार पर आवश्यकतानुसार क्लोरीनेशन सहित अन्य सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे दूषित पानी के कारण होने वाली बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। यदि किसी क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता या जल स्रोत से संबंधित कोई समस्या दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। जिलेभर में वर्षाकाल के दौरान पेयजल स्रोतों में क्लोरीनेशन एवं जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य निरंतर जारी है।
.jpeg)
.jpeg)
0 Comments