पैरों से दिव्यांग है पति-पत्नी बच्चे दबंगो ने रोका घर जाने का रास्ता गांव में धरने पर बैठा परेशान परिवार, निरीक्षण करने पहुंचे आर आई पटवारी तहसीलदार एसडीएम कलेक्टर पुलिस को कई बार दिए आवेदन दिव्यांग पति-पत्नी और बच्चों सहित परिवार की नहीं की जा रही है सुनवाई


सीहोर। बेरुखी अनदेखी लापरवाही से पीड़ित परिवार भरतपुर में गुरुवार को धरने पर बैठ गया। दिव्यांग परिवार के आत्मघाती कदम उठाने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे आर आई और पटवारी ने निरीक्षण किया।

दरअसल तहसील जनपद सीहोर अंतर्गत ग्राम पंचायत छापरी कला के भरतपुर में रहने वाले पैरों से दिव्यांग पति-पत्नी भारत सिंह और सरिता मेवाड़ा के घर में आने जाने का रास्ता दबंगों ने दो तरफ से ईट पत्थर झाड़ियां डालकर बंद कर दिया। हालात ऐसे हैं कि भारत और उसके बच्चों को तीन बिना पुल के नाले और कच्चा ऊबड़ खाबड़ रास्ता पारकर जैसे तैसे घर पहुंचना पड़ रहा है दोनों पति-पत्नी और बच्चे कई बार गिर कर घायल हो चुके है।

पीड़ित भारत और उसकी पत्नी सहित भाई ने सरपंच पटवारी तहसीलदार एसडीएम कलेक्टर को शिकायती पत्र दिए हैं लेकिन अवतक प्रशासन के द्वारा कोई भी कार्यवाही दबंग अतिक्रमणकर्ता चंदर सिंह,गया प्रसाद ,रामनारायण, विक्रम, मुकेश, दिनेश, हेमसिंह पर नहीं की गई है। हैरान परेशान दुखी परिवार बंद की गई सड़क पर ही बैठ गया और काफी देर तक खड़ा भी रहा और आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश करता दिखाई दिया।

पीड़ित भारत के भाई कुमेर सिंह ने बताया कि दबंग अतिक्रमणओ। ने हमें मारने पीटने के लिए धारदार हथियार डंडे तलवार फरसे बाहर ही रख रहे हैं। जबकि राजस्व विभाग एसडीएम कोर्ट ने सरकारी रास्ता खोलने के पक्ष में फैसला दिया है। तहसीलदार के निर्देश पर क्षेत्र की पटवारी सीमा मालवीय के द्वारा मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया गया और दिव्यांग परिवार को समझाइश दी गई। पीड़ित परिवार ने शासन प्रशासन से पुराना सरकारी रास्ता खुलवाने की मांग की 

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