सीहोर। सीहोर जिले के सैकड़ों किसान गुरुवार को भोपाल पहुंचकर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के प्रबंध निदेशक (एमडी) कार्यालय, गोविंदपुरा का घेराव किया। किसान व समाज सेवी एम.एस.मेवाड़ा के नेतृत्व में किसानों ने विद्युत मंडल के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और पीडि़त किसान सतीश मेवाड़ा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एमडी ऋषि गर्ग को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में सीहोर जिले के बड़वेली, चंदेरी, बिलकिसगंज, ढाबला, मगरखेड़ा, खजूरिया खुर्द, रामखेड़ी, अमरूद, चांदी, पचामा, जामुनी पाली, पिपलिया मीरा, रातीखेड़ा सहित दर्जनों गांवों के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए।
किसानों का आरोप है कि ग्राम बड़वेली निवासी किसान सतीश मेवाड़ा अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। उसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन काफी नीचे झूल रही थी। किसानों के अनुसार, विद्युत मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। इसी लापरवाही के कारण सतीश मेवाड़ा करंट की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल होने पर उनका इलाज भोपाल और सीहोर में कराया गया, लेकिन उनकी जान बचाने के लिए चिकित्सकों को उनका हाथ काटना पड़ा।
किसानों ने कहा कि इस मामले को लेकर वे पहले भी मुख्यमंत्री निवास, ऊर्जा मंत्री, सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा विद्युत मंडल के स्थानीय कार्यालयों में कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए गए, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि विद्युत मंडल के अधिकारी शासन के निर्देशों की भी अनदेखी कर रहे हैं।
किसानों की यह है मांगें :-
1.दुर्घटना के लिए उत्तरदायी विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए।
2. पीडि़त किसान श्री सतीष मेवाड़ा को ₹25,00,000 की क्षतिपूर्ति तत्काल स्वीकृत की जाए।
3. पीडि़त किसान का संपूर्ण उपचार एवं भविष्य का चिकित्सा व्यय विद्युत विभाग द्वारा वहन किया जाए।
4. श्री सतीष मेवाड़ा को विद्युत विभाग में स्थायी शासकीय नौकरी प्रदान की जाए।
5. ग्राम बड़वेली सहित समस्त प्रभावित गांवों में झूलते हुए 11 के.वी. एवं एल.टी. विद्युत तारों तथा जर्जर विद्युत पोलों को तत्काल बदलकर सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
6. जिन परिवारों के सदस्यों की विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण मृत्यु हुई है, उन्हें शासन की नीति के अनुसार उचित मुआवजा एवं परिवार के एक पात्र सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान की जाए।
7. जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट कराकर भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए।

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