मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष ए.पी. सिंह पहुंचे ग्राम चन्देरी व बड़बेली, करंट पीडि़त किसान से की मुलाकात विद्युत मंडल के अधिकारी जांच में दोषी, कार्रवाई की अनुशंसा; पीडि़त को न्याय और मुआवजे का दिलाया भरोसा


सीहोर। सीहोर जिले के ग्राम बरबेली में विद्युत मंडल की कथित लापरवाही के कारण 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए किसान सतीश मेवाड़ा से मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ए.पी. सिंह ने गांव पहुंचकर मुलाकात की। उन्होंने पीडि़त किसान, उनके परिजनों और ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी लेकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा पीडि़त को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

इस अवसर पर किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने आयोग अध्यक्ष का स्वागत करते हुए उन्हें प्रतीक स्वरूप लकड़ी का हल भेंट किया और पीडि़त किसान की समस्या का शीघ्र समाधान, उचित मुआवजा एवं दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग रखी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान उपस्थित रहे।


एक माह पहले हुआ था हादसा

करीब एक माह पूर्व खेत में कार्य करते समय 11 केवी की झूलती विद्युत लाइन की चपेट में आने से किसान सतीश मेवाड़ा गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में उनका एक हाथ काटना पड़ा, जबकि शरीर का दूसरा हिस्सा भी गंभीर रूप से घायल हो गया।


घटना के बाद किसान एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, विद्युत मंडल, मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री सहित विभिन्न अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे। कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने भोपाल स्थित विद्युत मंडल के गोविंदपुरा कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया।


जांच में विद्युत मंडल की लापरवाही उजागर

मामले की जांच के लिए पहुंचे संभागीय विद्युत निरीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच प्रतिवेदन में विद्युत मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद भी अब तक संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।


ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री एवं प्रभारी मंत्री द्वारा दूरभाष एवं लिखित निर्देश दिए जाने के बावजूद सीहोर विद्युत मंडल के अधिकारियों द्वारा उनका पालन नहीं किया गया।


मानव अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने विद्युत मंडल के प्रबंध संचालक (एमडी) एवं जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं मध्य प्रदेश महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए पीडि़त किसान को ₹25 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के संबंध में राजस्व आयुक्त, भोपाल से विस्तृत जांच प्रतिवेदन मांगा है।


ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल

ग्राम चंदेरी, बड़वेली एवं आसपास के किसानों ने बताया कि जिले के सैकड़ों गांवों में विद्युत लाइनें और खंभे झूलती स्थिति में हैं, जिनकी समय पर मरम्मत नहीं की जाती। इसके कारण आए दिन खेतों में आग लगने, फसल जलने, पशुओं की करंट से मौत होने तथा किसानों के घायल होने जैसी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन पीडि़तों को उचित मुआवजा नहीं मिलता और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिलकिसगंज एवं बरखेड़ी क्षेत्र सहित कई ग्रामीण इलाकों में रात के समय चार से पांच बार बिजली कटौती की जाती है, जिससे कई-कई घंटे बिजली नहीं रहती। इससे किसान, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे रातभर परेशान रहते हैं तथा मच्छरों के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार धरना-प्रदर्शन और समाचार प्रकाशित होने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।


दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष ए.पी. सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पीडि़त किसान को न्याय दिलाने के लिए आयोग आवश्यक कदम उठाएगा।


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