छात्रों के संघर्ष को समर्पित निकला तिरंगा विजय मार्च, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की उठी मांग कांग्रेस पार्टी की यह यात्रा देश के लाखों छात्रों के संघर्ष, धैर्य और लोकतांत्रिक अधिकारों को समर्पित-राजीव गुजराती


सीहोर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश अध्यक्ष जीतु पटवारी के आव्हान पर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में सीहोर में तिरंगा यात्रा विजय मार्च का आयोजन किया गया। यह यात्रा देश के लाखों छात्रों के संघर्ष, धैर्य और लोकतांत्रिक अधिकारों को समर्पित रही। बड़ी संख्या में छात्र, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च में भाग लिया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को बुलंद किया।

तिरंगा विजय मार्च नगर के कोतवाली चौराहा से प्रारंभ होकर बजरिया मार्ग से होते हुए गंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क पहुंचकर संपन्न हुआ। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में छात्र और युवा वंदे मातरम, भारत माता की जय सहित विभिन्न नारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्च में शामिल युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

यात्रा के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संदेश है कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री के पद छोड़ देने मात्र से उन लाखों छात्रों के सपने वापस नहीं आ सकते, जिनका भविष्य शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण प्रभावित हुआ है। साथ ही यह उन परिवारों के दर्द को भी कम नहीं कर सकता, जिन्होंने व्यवस्था की विफलताओं के चलते अपने बच्चों को खोया या उनके भविष्य को संकट में देखा।

राजीव गुजराती ने कहा कि यह विजय मार्च किसी व्यक्ति विशेष की हार या जीत का उत्सव नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक छात्र के संघर्ष और लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत का प्रतीक है। यह यात्रा इस बात का संदेश देती है कि यदि छात्र शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें तो उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के हितों की सुरक्षा तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक देश के प्रत्येक छात्र को न्याय, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

मार्च के दौरान युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम, भारत माता की जय, धर्मेंद्र प्रधान तो झांकी है, भाजपा सरकार अभी बाकी है तथा जब-जब भाजपा सरकार डरती है, पुलिस को आगे करती है। जैसे नारे लगाकर अपनी मांगों को मुखर रूप से रखा। यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर जनआंदोलन चलाने का संकल्प भी लिया।

इस मौके पर प्रमुख रूप से ओम वर्मा, नईम नवाब, प्रीतम दयाल चौरसिया, रमेश गुप्ता, सुनील दुबे, राजेन्द्र वर्मा, राजाराम बड़े भाई, डॉ.अनीस खान, विवेक राठौर, घनश्याम यादव, नरेन्द्र खंगराले, संतोष सिंह, मुकेश ठाकुर ,धर्मेन्द्र मेंदाखेड़ी, जाहिद गुड्डु, घनश्याम जांगड़ा, घनश्याम मीणा, मनोज पटेल, ओम बाबा राठौर, दिनेश भेरवे, प्रेमनारायण परमार,हसीन कुरैशी, इरफान लाला, ईश्वर सिंह चौहान, के.के.रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, भगत सिंह तोमर, कमलेश चाण्डक, आसिफ अंसारी, पंकज शर्मा, मोनु शर्मा, विवेक टांक, मनीष मेवाड़ा, हरिओम सिसोदिया, तनिष्क त्यागी, विकास विश्वकर्मा, शुभम त्यागी, जितेन्द्र परमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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