सीहोर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुंगावली में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं गुरुजनों के चित्रों पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का तिलक लगाकर एवं पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गुरु वंदना, प्रेरणादायी भाषण, कविता एवं दोहों की प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की गौरवशाली परंपरा को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरे विद्यालय का वातावरण भक्तिमय एवं प्रेरणादायक बन गया।
गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को गुरु पूर्णिमा के महत्व, इसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि तथा भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण कर उन्हें जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से अनुशासन, संस्कार, परिश्रम एवं ज्ञान के मार्ग पर सदैव अग्रसर रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती ज्योति त्यागी एवं श्री जितेंद्र बड़ोदिया के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रीमती सुनीता भदोरिया, अंजू दोग्ने, रेखा विश्वकर्मा, उर्मिला यादव, घनश्याम मोहनिया, रितेश राठौर, घनश्याम दोग्ने, ओ.पी. शर्मा, मुकेश सिसोदिया, बृजेश परमार सहित विद्यालय का समस्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने गुरुजनों के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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