11 केवी बिजली लाइन की कथित लापरवाही से किसान गंभीर रूप से झुलसा 12 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई राहत की गुहार


सीहोर। सीहोर जिले के ग्राम बड़वेली में कृषि कार्य के दौरान एक किसान गंभीर रूप से करंट की चपेट में आ गया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि खेत में लगी 11 केवी विद्युत लाइन के तार लंबे समय से जमीन से करीब 5 फीट की ऊंचाई पर झूल रहे थे। इसकी जानकारी देने के बावजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया, जिसके चलते यह गंभीर हादसा हुआ।

घटना 18 जून 2026 की बताई जा रही है। घायल किसान सतीश मेवाड़ा (पिता प्रहलाद सिंह मेवाड़ा) खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वे झूल रहे बिजली के तार की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें पहले जिला अस्पताल सीहोर में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

परिजनों के अनुसार हादसे में किसान के एक हाथ की उंगलियां काटनी पड़ी हैं। इसके अलावा उनके कान सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। वर्तमान में उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर किसान का परिवार कर्ज लेकर उपचार कराने को मजबूर

है।

परिजनों का कहना है कि घटना की शिकायत तहसील कार्यालय और संबंधित थाना पुलिस को लिखित आवेदन देकर की जा चुकी है। इसके बावजूद 12 दिन बीत जाने के बाद भी न तो विभागीय जांच शुरू हुई है, न ही कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। साथ ही पीडि़त किसान को अब तक किसी प्रकार की राहत राशि या उपचार सहायता भी नहीं मिली है।

घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री, ऊर्जा मंत्री तथा विद्युत मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पीडि़त किसान को तत्काल आर्थिक सहायता, समुचित उपचार का पूरा खर्च और शासन की ओर से मिलने वाली राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते झूल रहे बिजली के तार और खंभों की मरम्मत कर दी जाती, तो यह गंभीर हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिलेभर में जर्जर एवं झूलती विद्युत लाइनों का सर्वे कर तत्काल सुधार कार्य कराने की भी मांग की है।

किसान व समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने भी बिजली लाइन से पीडि़त किसान को माननीय मुख्यमंत्री जी डॉ.मोहन यादव जी और सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री जी से राहत राशि देने की मांग की है। उन्होने बताया कि करंट लगने से पीडि़त किसान काफी गंभीर स्थिति में भोपाल में भर्ती है। मेवाड़ा द्वारा आग्रह किया गया है कि राहत राशि शीघ्र पीडि़त किसान को प्रदान कराई जावे।


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