सीहोर शहर में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच अब आम लोगों की थाली और नाश्ता भी प्रभावित होने लगा है। कचौरी, समोसा, पोहा, जलेबी और अन्य नाश्ते की वस्तुओं के बढ़ते दामों को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर सीहोर नागरिक बैंक के पूर्व संचालक एवं समाजसेवी चंपा लाल यादव ने जिला कलेक्टर से नाश्ते की वस्तुओं के दाम कम कराने की मांग की है।
समाजसेवी चंपा यादव ने कहा कि महंगाई के इस दौर में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। पहले जहां लोग कम कीमत में आसानी से नाश्ता कर लेते थे, वहीं अब छोटी - छोटी खाद्य सामग्री भी महंगी हो गई है। उन्होंने कहा कि कई दुकानदार मनमाने तरीके से कीमतें बढ़ा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों की नियमित जांच की जाए और बाजार में अनावश्यक मूल्य वृद्धि पर रोक लगाई जाए। साथ ही, होटल और नाश्ते की दुकानों पर रेट सूची अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि ग्राहक सही कीमत पर सामग्री प्राप्त कर सकें।
चंपा लाल यादव ने कहा, गरीब मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोग सुबह के समय सस्ता नाश्ता कर अपने काम पर निकलते हैं। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब उनके लिए दो वक्त का भोजन जुटाना भी कठिन हो रहा है। प्रशासन को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गुणवत्ता में कमी करते हुए भी अधिक कीमत वसूली जा रही है। इस कारण लोगों को महंगा और खराब गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने खाद्य विभाग से नियमित निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की। इस दौरान चंपा यादव के साथ कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक सभी ने एक स्वर में प्रशासन से महंगाई पर नियंत्रण लगाने और आम जनता को राहत देने की मांग की।
शहरवासियों को अब उम्मीद है कि प्रशासन इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेकर नाश्ते की वस्तुओं के बढ़ते दामों पर नियंत्रण करेगा, जिससे आम लोगों को राहत मिल सकेगी

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