सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम महुआखेड़ी में सात दिवसीय विशाल एकादश कुण्डिय श्री रुद्र महायज्ञ शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सुबह ग्राम के मध्य बने भव्य मंदिर परिसर में यज्ञशाला में विप्रजनों के द्वारा वेद मंत्रों के द्वारा हवन-पूजन किया जा रहा है। वहीं रात्रि को प्रतिदिन रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला में भगवान राम के जन्म का मंचन एक भावपूर्ण और सजीव दृश्य कलाकारों ने प्रस्तुत किया, जिसमें राजा दशरथ के पुत्रकामेष्टि यज्ञ और अयोध्या में खुशियों का वर्णन किया जाता है। इस दौरान भजन और जयकारों के साथ रामायण के इस प्रमुख दृश्य का अभिनय किया। यज्ञ संचालक 108 पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे ने बताया कि आगामी सात मई को भव्य शिव बारात निकाली जाएगी।
ग्राम महुआखेड़ी के समस्त ग्रामीणों के सहयोग से यहां पर विशाल एकादश कुण्डिय श्री रुद्र महायज्ञ शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 51 जोड़ों के द्वारा एक साथ आहुतियां दी जा रही है। वहीं प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी ग्रामीण एक साथ प्रसादी ग्रहण कर रहे है। इसके अलावा रात्रि को रामलीला का आयोजन किया गया था। जिसमें रामलीला में भगवान श्रीराम के जन्म का सजीव मंचन किया गया। जिसमें श्रीराम के जन्म होते ही पंडाल में श्रीराम के नारे गूंजने लगे। अयोध्या के राजा दशरथ के कोई संतान न होने पर वह चितित थे। कुल गुरु राजा वशिष्ठ के कहने पर राजा दशरथ ने श्रृंगी मुनि को बुलाकर पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुध्न के रूप में चार पुत्रों का जन्म हुआ। श्रीराम के जन्म लेते ही पंडाल में बैठे श्रोताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए। यहां श्री राम समेत चार बेटों के जन्म लेने पर अयोध्या नगरी में खुशियां छा गई।

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