सीहोर। सरकार की महत्वकांशी नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना का संचालन व निर्माण कार्य जिले में चार चरणो में प्रगतिशील है। लेकिन इछावर तहसील के ग्राम दुदलाई, दौलतपुर, रघुनाथपुरा, रूपडदी, रूपदाह, गाडिय़ा गोडी, खुर्द बावडिया, गोसाई, लाल्यखेड़ी, कुंडीकाल, हरासपुर के किसानों को इस योजना से वंचित कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों का आरोप है कि चार साल से परेशान है सभी स्तरों पर आवेदन निवेदन कर चुके है नतिजा जीरो ही रहा है नर्मंदा पार्वंती लिंक परियोजना से जानबूझकर क्षेत्र के 11 गांवों को छोड दिया़ गया है। किसानों ने मंगलवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम दिया डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन दिया है।
किसानों ने कहा कि असिंचित गाँवो में परम्परागत आजीविका के लिए खेती एवं पशुपालन करते है। इछावर तहसील में लाइन डालने का प्रवेश ही हमारे यहाँ से हुआ है पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 जुलाई 2018 को आष्टा में योजना के लिए भूमि पूजन किया था। उस समय नक्शे में फेथ 1-2 में हमारे सभी 11 गांव शामिल थे लेकिन अब हमारे गांवों को बाहर कर दिया गया है। वंचित किए गए गांवों को वापस योजना में छोडऩे के लिए नर्मदा भवन व विधायक करण सिंह वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों को मिलकर माँग कर चुके है अबतक मात्र झूठे आश्वासन ही मिले है। यही नहीं नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 25 नर्मदानगर जिला खंडवा पत्र क्रमांक 345/2022-23/80 दिनांक 13/01/2023 को स्कीम बनाकर भोपाल भेजी गई व एक प्रति किसानो को दी गई और हमे बताया गया की आपके 11 गाँवो को फेस 1-2 की जगह फेस 3-4 में जोड़ रहे है जबकि हमारे गांव फेस 1-2 की कमांड क्षेत्र में है। कहा गया था कि नर्मदा पार्वती के बजाय कॉलार से इन 11 गांवों को पानी देंगे यह भी झूठा आश्वासन ही साबित हुआ। सरकार द्वारा संकल्प से समाधान शिविर का आयोजन किया गया था जिसमे एक ही माँग थी 11 गाँवो को नर्मदा पार्वती का पानी दिया जाए लेकिन मांग पूरी नहीं की गई अब हम सभी 11 गांव के ग्रामीण धरना प्रर्दशन करेंगे।
ज्ञापन देने समय सुआलाल जाट, कैलाश प्रसाद, योगेश जाट, विष्णु बना, गणेश, कचरू बामनिया, देवीलाल जाट, लक्ष्मी नारायण वर्मा, प्रेमनारायण बागवान, कमलेश शर्मा, प्रेम जाट, देवराज मालवीय, कुलदीप, कपिल पटेल, महेश जाट, आशीष पटेल, दिनेश, देवीशंकर जाट, अमृतलाल सहित बढी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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