सीहोर। जिले में हाउसिंग बोर्ड से फंदा टोल तक बन रही सडक़ को लेकर स्थानीय युवक हरिश राजपूत ने प्रशासन के सामने गंभीर मुद्दे उठाए हैं। कलेक्टर को दिए गए आवेदन में उन्होंने सडक़ निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमी और सीएसआर फंड के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए हैं।
हरिश राजपूत ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि यह मार्ग जिले का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण और शहरी लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद सडक़ पर स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे रात के समय हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।
उन्होंने खास तौर पर थूना कलाँ और पचामा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां महिलाओं, विद्यार्थियों और बुजुर्गों की आवाजाही अधिक रहती है, लेकिन अंधेरे के कारण सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
इसके अलावा, ग्राम पंचायत थूना कलाँ क्षेत्र में सीएसआर फंड से कराए गए तालाब गहरीकरण कार्य पर भी हरिश राजपूत ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है रोड निर्माण कंपनी ने बिना पंचायत की अनुमति और बिना विधिवत स्वीकृति के कार्य किया गया और बाद में सिर्फ औपचारिकता निभाकर उसे पूर्ण दिखा दिया गया।
हरिश राजपूत की प्रमुख मांगें :-
सडक़ निर्माण के साथ ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो
संवेदनशील क्षेत्रों में प्राथमिकता से लाइट लगाई जाए
सीएसआर कार्यों की तकनीकी और वित्तीय जांच हो
निर्माण कार्य की समय सीमा तय कर शीघ्र पूरा किया जाए क्युकी छोटे व्यापरी,दुकानदारों का कार्य पूर्ण रूप से बंद हे उनके जीवन यापन में बहुत परेशानी हो रही हे
हरिश राजपूत ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।

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