सीहोर, 04 मई, 2026 कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में टीएल बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी विभागों के समय-सीमा वाले प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और समय सीमा के भीतर सभी प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने विभिन्न शासकीय योजनाओं और अभियानों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, जनगणना, वन मित्र पोर्टल पर वनाधिकार दावों के पंजीयन, कॉलेजों में प्रवेश तथा समग्र ई-केवाईसी जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन अभियानों में लापरवाही बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने और जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिले में संचालित विभिन्न शासकीय कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जनगणना कार्य में अपेक्षित गति नहीं होने पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान अभियान की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनभागीदारी बढ़ाएं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे आमजन को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान को केवल औपचारिकता न मानते हुए इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाए, ताकि इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दें।
बैठक में कलेक्टर ने कॉलेजों में छात्रों के प्रवेश की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 12वीं पास सभी विद्यार्थियों का कॉलेजों में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी छात्र प्रवेश से वंचित न रहे। कलेक्टर ने इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनजागरूकता बढ़ाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को सीमांकन, नामांतरण और बटवारा सहित लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व सेवाएं शासन की प्राथमिकता में हैं, इसलिए अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों को समय पर राहत मिले, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए नागरिकों एवं संस्थाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक है। कलेक्टर ने संबंधितों को पांडुलिपियों को चिन्हित कर पोर्टल पर अपलोड कराने के लिए प्रेरित करने को कहा। साथ ही इस कार्य में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री जमील खान, सुश्री वंदना राजपूत, श्री रविंद्र परमार, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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