बूंद-बूंद पानी को तरसती जनता, जल संकट के बीच बजट में भारी कटौती पर उठे सवाल ग्राम पंचायत रोल की महिलाओं ने हेड पंप पर लंबी लाइन लगाकर पानी के खाली बर्तन बजा कर गांव में बोर लगवाने की की गई मांग जल संकट पर उठी पीड़ा भरी आवाज भीषण गर्मी में गहराया जल संकट गांव से 2 किलोमीटर दूर झिरि खोदकरके मठ मेला पानी पीने को मजबूर है ग्रामीण जनता दर्जनों ग्रामीण परिवारों के घरों में लगा ताला पानी के अभाव में पालन करने को मजबूर गांव में पानी नहीं तो कहीं खेतों पर तो कहीं शहरों में जाकर रह रहे ग्रामीण रेगिस्तान बना एमपी के ग्रामीण क्षेत्र


 सीहोर। प्रदेश में बढ़ते जल संकट को लेकर अब आम जनता की पीड़ा खुलकर सामने आने लगी है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। खासकर गरीब परिवारों की महिलाएं और बच्चे सुबह से शाम तक पानी की तलाश में लंबी दूरी तय कर रहे हैं। इसी बीच जानकारी सामने आई है कि हाल ही में विधानसभा में पेश हुए बजट में जल संकट से निपटने के लिए रखी जाने वाली राशि में भारी कटौती कर दी गई है। इस खबर ने पहले से परेशान जनता की चिंता और बढ़ा दी है।

पहले 300 करोड़, अब केवल 80 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण एवं सामाजिक लोगों का मानना है कि विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार पहले जल संकट से निपटने, नए नलकूप खनन, खराब पड़े हेडपंपों की मरम्मत और नल-जल योजनाओं के संचालन के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट रखा जाता था। लेकिन इस बार इसे घटाकर लगभग 80 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी लगभग 75 प्रतिशत बजट कम कर दिया गया है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि इतनी कम राशि में प्रदेश के हजारों गांवों और कस्बों की पानी की समस्या आखिर कैसे दूर हो पाएगी। पानी जीवन की सबसे बड़ी जरूरत ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, बिजली या अन्य सुविधाओं की कमी कुछ समय तक सहन की जा सकती है, लेकिन पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। कई गांवों में स्थिति ऐसी बन जाती है कि एक दिन भोजन न मिले तो लोग सहन कर लेते हैं, लेकिन जब पानी नहीं मिलता तो पूरा जीवन संकट में पड़ जाता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और भी भयावह हो जाती है, जब हेडपंप सूख जाते हैं और नलकूप काम करना बंद कर देते हैं। नई प्रक्रिया से समाधान में बढ़ेगी देरी बताया जा रहा है कि अब किसी गांव में नया नलकूप लगाने या जल समस्या का समाधान करने के लिए पांच विभागों की संयुक्त सहमति जरूरी होगी। इस समिति में कलेक्टर, जिला पंचायत, जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और लोक निर्माण विभाग शामिल होंगे। पहले जहां लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सीधे समस्या का समाधान कर देता था, अब प्रस्ताव पास होने और मंजूरी मिलने में काफी समय लग सकता है। जनता को मीडिया से उम्मीद ग्राम पंचायत रोला ग्राम आलमपुरा ग्राम पचामा की महिलाओं ने अपने-अपने गांव में अलग-अलग प्रदर्शन कर गांव में बोर नलकूप खनन करने की मांग की गई जिसमें अनसूया भाई ताराबाई कालभाई नीता भाई ने बताया कि जल संकट से जूझ रही जनता को अब उम्मीद है कि मीडिया इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगा। लोगों का कहना है कि पत्रकार ही वह माध्यम हैं जो जनता की आवाज सरकार तक पहुंचा सकते हैं। यदि इस गंभीर समस्या पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले महीनों में हालात और भी कठिन हो सकते हैं। इसलिए लोगों ने सरकार से जल संकट को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और बजट बढ़ाने की मांग की है, ताकि किसी भी गांव या शहर में किसी को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना न पड़े। किसी गांव में तो ग्रामीण जनता को अपनी प्यास बुझाने के लिए गांव से 2 किलोमीटर दूर झिरी खुकरके मठ मेला पानी पीने को मजबूर है कई महिलाएं बुजुर्ग बच्चे इस कड़ाके की धूप में गांव से एक दो किलोमीटर दूर जाकर खेतों से कुएं से कई पंपों से पानी ढूंढ कर लाने को मजबूर है कई ग्रामीण परिवार को गांव से पालन करने को मजबूर है पानी के अभाव में गांव छोड़कर शहर में खेतों पर जाकर रहने लगे हैं अपनी प्यास बुझाने को ग्रामीण लाडली बहनों का कहना है कि हम लाडली बहनों की सारी कमाई पानी खरीदने में कमाई इन महिलाओं ने पानी नहीं मिलने के कारण खाली बर्तन बजाकर सरकार की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि हमारे गांव में शीघ्र नए नलकूप खनन कराई जावे नहीं तो हम सभी महिलाएं एकत्रित होकर कलेक्ट कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे उसके उपरांत भी यदि गांव में बोर नलकूप खनन नहीं किया तो भोपाल जाकर मंत्री निवास मुख्यमंत्री निवास पर पानी की मांग करेंगे ग्रामीण जनता का यह भी कहना है कि सीहोर जिले के दर्जनों गांव में नवीन नलकूप खनन करने के आदेश मुख्यमंत्री निवास मुख्य सचिव कार्यालय से दूरभाष पर प्रमुख अभियंता पीएच विभाग भोपाल को निर्देश दिए गए हैं कि सीहोर जिले के इन गांव में शीघ्र नए नवीन नलकूप खनन कराई जावे एवं पीएचई विभाग की मंत्री मैडम साहिबा सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री मैडम साहिबा ने भी लिखित में निर्देश पीएच विभाग प्रमुख अभियंता कलेक्टर सीहोर पीएचई विभाग सीहोर को निर्देश दिए हैं कि इन गांव में शीघ्र नवीन नलकूप खनन कराई जावे लेकिन उनके आदेश को भी जिला प्रशासन सीहोर मानने को तैयार नहीं है


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