ओलावृष्टि से उजड़ी फसल, खरीदी ठप..भीगते गेहूं संग चंदेरी के किसानों का फूटा दर्द


सीहोर। जिले के ग्राम चंदेरी सहित आसपास के कई गांवों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की जिंदगी को गहरे संकट में डाल दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जहां ओलों की मार से धराशायी हो गई, वहीं कटकर रखी फसल भी बारिश में भीगकर पूरी तरह खराब हो गई। किसान और समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में अनेक गांवों के किसानों का गुस्सा फूट गया और उन्होंने जमकर नारेबाजी की।

किसानों का कहना है कि गांव में हर घर के बाहर गेहूं के ढेर पड़े हैं, जो अब धीरे-धीरे सड़ने लगे हैं। समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू न होने के कारण किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं। घरों में जगह नहीं होने से मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रखा अनाज बारिश की हर बूंद के साथ बर्बादी की कहानी लिख रहा है। इसी पीड़ा ने किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया। चंदेरी में किसानों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द खरीदी शुरू करने और मुआवजा देने की मांग की। किसान और समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि चंदेरी, रामाखेड़ी सहित कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि आरबीसी 4 के तहत तत्काल सर्वे कराकर किसानों को राहत राशि दी जाए और बीमा क्लेम भी जल्द दिलाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं मिली तो किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे।

कर्ज और बिजली बिल ने बढ़ाई चिंता

किसानों की परेशानी केवल फसल तक सीमित नहीं है। कई किसान बैंक के कर्ज में डूबे हुए हैं। बिजली के बकाया बिलों का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि वसूली के नाम पर उनके ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल तक उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब फसल ही नहीं बिकी, तो किसान कर्ज और बिल कैसे चुकाएंगे। ग्राम चंदेरी के किसान बाबूलाल मेवाड़ा ने बताया कि उनकी कटी हुई गेहूं की फसल खेतों में ही बर्बाद हो गई। वे बेहद दुखी और परेशान हैं। वहीं किसान मुकेश कुशवाहा, जिनके पास 8 एकड़ जमीन है, ने बताया कि उनका गेहूं घर के बाहर पड़ा-पड़ा बारिश में भीग गया। घर में जगह नहीं थी और खरीदी शुरू नहीं होने से वे कुछ कर भी नहीं सके।

शादी और कर्ज की चिंता में डूबा किसान

शिवचरण मेवाड़ा ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्होंने बड़ी मेहनत से गेहूं की फसल काटी थी, लेकिन अब वह भी खराब हो गई। उनके ऊपर करीब 4 लाख रुपये का बैंक कर्ज है और परिवार में शादी भी तय है। उन्होंने कहा कि "कैसे कर्ज चुकाऊंगा, कैसे शादी करूंगा, समझ नहीं आ रहा, मैं पूरी तरह टूट चुका हूं।"


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