आज के इस युग में दो चीजों को ज्यादा नुकसान हुआ है एक तो रहा धर्म और दूसरी शर्म , इस कली काल में आज का मानव सबसे ज्यादा धर्म को नुकसान पहुंचा रहा है दूसरा धन के चक्कर में शर्म कही खो गई है और जब तक धर्म है शर्म है तब तक सनातन सुरक्षित है सनातन धर्म के बिना मानव जीवन की कल्पना भी करना गलत है आज मानव को अपने धन का दसवां भाग धर्म में लगाना चाहिए आपका धन भी शुद्ध होगा और जिससे धर्म की रक्षा हो सके,उक्त उद्गार ग्राम बड़ी कुलास वर्मा कृषि फार्म पर धर्म रक्षक संत श्री श्री 108 पंडित दुर्गा प्रसाद जी कटारे बाबाजी के सानिध्य में चल रहे शिव परिवा प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ एवं श्री नर्मदेश्वर शिव महापुराण कथा के दौरान कथा व्यास परम गौभक्त क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत पंडित मोहितरामजी पाठक सीहोर वालों ने व्यक्त करें, आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा कि धन का संग्रह तो सब कर रहे हैं करना भी चाहिए किंतु धन के साथ-साथ धर्म यदि नहीं बचा सके धर्म का संग्रह नहीं हुआ तो जीवन और मृत्यु दोनों बिगड़ जाएगी भगवान शिव ने ग्रहथ जीवन को परिवार संयोजन का रिश्ता सिखाया है, किस प्रकार हमें धर्म और शर्म के साथ परिवार को लेकर चलना है भगवान शिव के परिवार में किसी भी प्रकार का कोई विवाद नहीं है सब परस्पर प्रेम से धर्म और कर्म के साथ गृहस्थी को आगे बढ़ा रहे हैं यही शिव महापुराण की कथा सिखाती है कि किस प्रकार परिवार रिश्ते नाते अपने-अपने ग्रहथ धर्म का पालन करते हुए जीवन जीना चाहिए और जिस पर भगवान शिव की कृपा बरसती है उसे लक्ष्मी और नारायण दोनों की प्राप्ति हो जाती है धन के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता भगवान शिव उसके लिए कुबेर का भंडार खोल देते हैं माता लक्ष्मी ने शिव से नारायण को मांगा भगवान शिव ने लक्ष्मी और नारायण दोनों को एक कर दिया, हम विश्व की कथा पूजन करेंगे तो लक्ष्मी नारायण की कृपा शिव कृपा के साथ हमें भी प्राप्त होगी, आज चतुर्दशी की कथा में भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा कथा एवं यज्ञ आयोजन कर्ता समस्त ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी एवं वर्मा परिवार ने संपूर्ण क्षेत्रवासियों से कथा एवं यज्ञ में पधारकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया


0 Comments