एमपीआरडीसी एमडी एवं(DBCPL) प्रबंधन ने कुर्बेश्वर धाम के सामने मीडियन के मध्य लगाई हाई मास्क लाइट हजारों श्रद्धालुओं का रोज होता है आवागमन मानवीय मूल्यों से प्रेरित पहल , श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए रोशनी का नया संकल्प


सीहोर । जनसेवा, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व ये केवल शब्द नहीं, बल्कि एक सशक्त प्रशासन और जिम्मेदार संस्थाओं की पहचान होते हैं। इसी भावना को साकार करते हुए जिलाधिकारी महोदय सीहोर के कुशल निर्देशन में, एमपीआरडीसी एमडी भोपाल के मार्गदर्शन तथा देवास-भोपाल कॉरीडोर प्राइवेट लिमिटेड (DBCPL) प्रबंधन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। कुर्बेश्वर धाम, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहां आने-जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कम दृश्यता के कारण संभावित दुर्घटनाओं को रोकने तथा मार्ग को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से, कुर्बेश्वर धाम के सामने मीडियन के मध्य हाई मास्क लाइट की स्थापना की गई है। यह पहल केवल एक तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों—सुरक्षा, सेवा और संवेदना—का जीवंत उदाहरण है। अंधेरे में रोशनी की यह व्यवस्था न केवल श्रद्धालुओं के मार्ग को आलोकित कर रही है, बल्कि उनके मन में भी विश्वास और सुरक्षा की भावना को प्रबल कर रही है। जिलाधिकारी महोदय सीहोर की दूरदर्शिता, एमपीआरडीसी भोपाल के नेतृत्व और डीबीसीपीएल प्रबंधन की सामाजिक जिम्मेदारी ने मिलकर यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन और संस्थाएं जनहित के लिए एकजुट होती हैं, तो विकास केवल ढांचागत नहीं बल्कि मानवीय भी होता है। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था विशेष रूप से रात्रि के समय अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है और दुर्घटनाओं की संभावना में उल्लेखनीय कमी आएगी निसंदेह, यह प्रयास न केवल एक मार्ग को रोशन कर रहा है, बल्कि समाज में सुरक्षा, सहयोग और सेवा की भावना को भी प्रज्ज्वलित कर रहा है।


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