सीहोर। सीहोर में मध्य प्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में किसानों की आवाज़ बुलंद करने हेतु जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान, पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल, सीहोर जिला प्रभारी श्रीमती जयश्री हरिकरण, सीहोर विधानसभा प्रभारी दिनेश मेघानी, पूर्व अध्यक्ष कैलाश परमार, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ.बलवीर तोमर सहित जिले के वरिष्ठ कांग्रेसजनों सहित सभी ब्लाक अध्यक्ष, सेवादल अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, युवक कांग्रेस एवं जिले के बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन एवं कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया गया।
इस दौरान कांग्रेस के समस्त वरिष्ठ पदाधिकारी एवं नेता उपस्थित रहे और किसानों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया।
किसान विरोधी भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आवाज़ बुलंद करते हुए किसानों और आमजन के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाया।
कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में मुख्य रूप से उपस्थित मध्य प्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मांग की कि गेहूं खरीदी में देरी और किसानों की समस्याओं का निकराकरण किया जावे। किसानों का ब्याज माफ कर उन्हें ऋण मुक्त किया जाए। गेहूं की खरीदी एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए। किसानों को उनकी फसल का समय पर भुगतान किया जाए। खरीदी केंद्र तुरंत शुरू किए जाएं। खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त वारदानों की व्यवस्था की जाए। गेहू खरीदी की लिमिट समाप्त की जाए। गेहूं खरीदी का पेमेन्ट समय पर किया जाए। सोसायटी का भुगतान जिन किसानों ने नही किया है उनकी तारीख बढाई जाए। पराली जलाने के नाम पर किसानों पर मुकदमा लगाना बंद किया जावे। मूंग एवं मसूर को भी सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीदा जाए। बिजली विभाग द्वारा गरीबों एवं किसानों को वसूली के नाम पर दी जा रही प्रताडऩा बंद हो। सरकार द्वारा बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए एवं गैस सिलेंडरों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। सीहोर जिले में रेलवे लाईन, रोड, डैम में भूमि आधिग्रहण के नाम पर किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, समान रूप से समय पर उचित मुआवजा दिया जाए। पराली नष्ट कर का तकनीकी तरीका शासन द्वारा किसानों को बताए जाए, अन्यथा पराली जलाने के नाम पर किसानों पर मुकदमे दर्ज करना बंद किए जाए ।
मध्य प्रदेश सरकार ने 78000 मेट्रिक टन का कोटा तय किया है और किसानों ने 16000 हज़ार मेट्रिक टन का रजिस्ट्रेशन किया है लगभग 80000 हज़ार टन गेहूं का क्या होगा। जिन किसानों ने मंडी में 2000 रुपए क्विंटल हेतु बेचा है उनके 400 रुपए क्विंटल का क्या होगा।
कांग्रेस जनों की मांग की गई है कि किसानों व आम नागरिकों की ज्वलंत समस्याओं का समय रहते निकराण किया जावे अन्यथा किसानों व आमनागरिकों के हित की लड़ाई में कांग्रेस अब सडक़ पर उतरकर भाजपा सरकार जनविरोधी व किसान विरोधी नितियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगी और मौका आया तो कांग्रेसजन जेल जाने को भी तैयार है।

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