सीहोर। सिद्धपुर मांझी आदिवासी समाज संघ की एक महत्वपूर्ण पंचायत रविवार को शहर के सैकड़ाखेड़ी रोड स्थित होटल सिल्वर इन में आयोजित हुई। इस पंचायत में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकता और अधिकारों की आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत करते हुए अपनी विभिन्न सामाजिक और विकास से जुड़ी मांगों को उनके सामने रखा। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष ओमप्रकाश रायकवार, महासचिव संतोष रायकवार,मनोज बाथम, मीडिया प्रभारी सुजीत रायकवार, राजेश मांझी सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
पंचायत के दौरान समाज के लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष शहर में मांझी समाज के लिए एक सामुदायिक भवन बनाने की मांग प्रमुखता से रखी। समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि सामुदायिक भवन बनने से समाज के लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक स्थायी स्थान मिलेगा। कहा कि मांझी समाज का शहर में बड़ा योगदान रहा है और उनके लिए एक सामुदायिक भवन बनना उनके सम्मान और पहचान से जुड़ा विषय है।
समाहित जातियों को जनजाति का दर्जा देने की मांग
आयोजन में समाज के वरिष्ठ सहयोगी अमन लोरिया सहित समाज के लोगों ने ऐतिहासिक रूप से मांझी जनजाति से जुड़ी ढीमर, भोई, केवट, कहार और मल्लाह जातियों को भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग उठाई। सामाजिक संगठनों का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत वर्ष 1950 में मांझी जनजाति को मान्यता दी गई थी। कई ऐतिहासिक दस्तावेजों और जनगणना अभिलेखों में इन जातियों को मांझी समुदाय के साथ समाहित बताया गया है। इसके बावजूद आज भी इन समुदायों को जनजातीय अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। समाज के लोगों ने सरकार से मांग की कि उच्चस्तरीय जांच कर इन जातियों को मांझी के मूल समुदाय के रूप में मान्यता दी जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
नगर पालिका अध्यक्ष ने दिया आश्वासन
मीडिया प्रभारी सुजीत रायकवार ने बताया कि कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने समाज की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि नगर पालिका स्तर पर सामुदायिक भवन निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने बताया कि समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शहर के पुराने बस स्टैंड का नामकरण निषाद राज चौराहा किया जा चुका है। साथ ही मछली बाजार स्थित मार्केट को भी व्यवस्थित रूप देने की योजना पर काम करने की बात कही। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मांझी जनजाति से जुड़ी अन्य जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग सरकार के समक्ष रखी जाएगी।
समाज में कुरीतियों को समाप्त करने पर भी चर्चा
पंचायत के दौरान समाज के विकास और सामाजिक सुधार को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और नई पीढ़ी को शिक्षा व जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। अध्यक्ष ओमप्रकाश रायकवार सहित अन्य वरिष्ठ लोगों ने समाज को संगठित रहकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
मीडियाकर्मियों का सम्मान
कार्यक्रम में समाज की ओर से आयोजन में शामिल मीडियाकर्मियों का भी सम्मान किया गया। समाज के अध्यक्ष ओमप्रकाश रायकवार और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने भगवान निषाद राज की प्रतिमा भेंट कर पत्रकारों को सम्मानित किया। इस दौरान समाज के लोगों ने एक स्वर में अपनी प्रमुख मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील भी की।
पदाधिकारियों और समाजजनों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें अध्यक्ष ओमप्रकाश रायकवार, मुख्य संरक्षक मनोहर रायकवार (बाबा), वरिष्ठ उपाध्यक्ष गेंदालाल रायकवार और मधु रायकवार, कोषाध्यक्ष यागेश रायकवार, आशीष रायकवार और गोविंदा रायकवार, महासचिव संतोष रायकवार (मंडी) के साथ मनोज बाथम, सुजीत रायकवार और राजेश मांझी शामिल रहे। इसके अलावा संरक्षक गोपाल रायकवार, घासीराम (घनश्याम) रायकवार, रामदयाल नाविक, लक्ष्मण सिंह रायकवार और राम बाथम भी उपस्थित रहे। संगठन मंत्री विजय रायकवार के साथ गुड्डा रायकवार, अनिल रायकवार, नरेंद्र बाथम, गणेश रायकवार, मनोज केवट, अजय रायकवार, पवन केवट, हेमंत रायकवार और विनोद रायकवार सहित समाज के कई अन्य सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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