जनप्रतिनिधि और अधिकारी समन्वय से काम करें, योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे – केंद्रीय मंत्री श्री चौहान विकास कार्यों में तेजी लाएं, योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें – केंद्रीय मंत्री श्री चौहान केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति "दिशा" की बैठक आयोजित

सीहोर, 14 मार्च, 2026    केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति “दिशा” की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी समन्वय के साथ मिलकर काम करेंगे तो योजनाओं का क्रियान्वयन और संचालन प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी विभागीय गतिविधियों की जानकारी समय-समय पर जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं, ताकि आमजन का फीडबैक भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त हो सके और कार्यों का बेहतर ढंग से संपादन किया जा सके।

  उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति उसकी पात्रता के अनुसार शासन की योजनाओं का लाभ पाने से वंचित न रहे। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन और संचालन करें, ताकि आमजन तक उनका लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और शासकीय सेवकों दोनों का कर्तव्य जनता की सेवा करना है, इसलिए अपने कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन करें। उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की विभागवार एवं जनपदवार विस्तार से समीक्षा की तथा बैठक के दौरान विधायकों एवं समिति के सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री बालागुरू के., जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव तथा संबंधित विभागों के जिलाधिकारियों द्वारा विभागीय प्रगति की विस्तार से जानकारी दी गई।

  बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय एवं ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य हर गरीब व्यक्ति को स्वयं का पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास योजना के लाभ से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों के नाम छूट गए हैं, उनका पुनः सत्यापन कर लिया जाए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि इस योजना का अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ दिया जाए, ताकि वे अपने स्वरोजगार को बढ़ाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

   उन्होंने जन संसाधन एवं जल निगम की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन योजनाओं का कार्य प्रगति पर है, उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि समय-समय पर बांध, तालाब और बैराजों की मरम्मत भी की जाए, ताकि पानी व्यर्थ न बहे। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए यह भी कहा कि ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। पंचायतों में संचालित पेयजल योजनाओं में उत्पन्न गतिरोध को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर दूर किया जाए और योजनाओं का सुचारू संचालन किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान यदि सड़क या पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होती है तो उसकी तुरंत मरम्मत भी की जाए। बैठक में उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में जो भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं, उनके लिए शीघ्र अनुमति प्रदान की जाए, ताकि कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ हो सकें।

  बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव, सीहोर विधायक श्री सुदेश राय, आष्टा विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर सहित जिला पंचायत एवं जनपद सदस्यों द्वारा सड़क, बिजली, पेयजल और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने सभी मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला बारेला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना मेवाड़ा, श्री रघुनाथ भाटी, श्री रवि मालवीय, सभी जनपदों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष, एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला, जिला वन मंडलाधिकारी श्रीमती अर्चना पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा

    बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में आवास प्लस योजना के अंतर्गत कुल 32 हजार 788 आवासों का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 32 हजार 479 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अब तक 14 हजार 449 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं वर्ष 2025-26 के लिए आवास प्लस योजना में 17 हजार 723 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 12 हजार 951 आवासों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने के लिए कार्यों में तेजी लाई जाए तथा जिन हितग्राहियों के नाम छूट गए हैं उनका पुनः सत्यापन किया जाए।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की गतिविधियों की समीक्षा

    बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 9 हजार 73 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं, जिनमें 01 लाख 6 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा 797 ग्राम संगठन तथा 35 क्लस्टर स्तरीय संघ (सीएलएफ) गठित किए गए हैं। बैंक लिंकेज के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही “लखपति दीदी” अभियान के अंतर्गत जिले में 23 हजार 598 महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से लगभग 22 हजार 988 महिलाएं इस लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी हैं। मंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा

   प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 392 सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनकी कुल लंबाई लगभग 1886 किलोमीटर है और इनकी लागत लगभग 698 करोड़ रुपये से अधिक है। इन सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इसके अलावा योजना के अंतर्गत 30 पुलों का निर्माण भी किया गया है, जिन पर लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत आई है। बैठक में बताया गया कि आगामी चरण में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत जिले में 111 नई सड़कों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 265 किलोमीटर होगी और इससे 122 बसाहटों को लाभ मिलेगा।

विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा

बैठक में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना मनरेगा की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान देती है। इसके अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को रोजगार उपलब्ध कराने, जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक और जीपीएस आधारित तकनीकों का उपयोग भी किया जा रहा है।




 



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