सीहोर। संयुक्त मोर्चे के प्रतिनिधि मंडल ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के खिलाफ ज्ञापन सोपा। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार शिक्षा अधिनियम के प्रावधान अनुसार कक्षा 1 से आठवीं तक के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है यह गलत है, क्योंकि वर्ष 1998, 2001 और 2003 में जिन शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। वह उस समय की सेवा शर्तों के अनुरूप की गई थी उन पर यह प्रावधान लागू किया जाना ठीक नहीं है। इस पर माननीय मंत्री जी ने यह आश्वासन दिया कि जिन शिक्षकों को सेवा करते हुए 20 से 25 साल हो गए हैं। अब उनकी परीक्षा ली जाना ठीक नहीं है। इस संबंध में मैं मुख्यमंत्री जी से चर्चा करूंगा। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी आग्रह किया मानवीय आधार पर अन्य प्रदेश सरकार की तरह मध्य प्रदेश सरकार भी पुनर्विचार याचिका दायर दायर करें। प्रतिनिधिमंडल में विश्वजीत त्यागी जिला अध्यक्ष राज्य शिक्षक संघ, संजय सक्सेना जिला अध्यक्ष प्रांतीय शिक्षक संघ, जागेश्वर भगत, अभिषेक भार्गव, मनोज दिसावरी, राजेश राठी, रामनरेश कुशवाहा, राजेंद्र परमार इत्यादि उपस्थित रहे।

0 Comments