सीहोर। कुछ करने और सफल होने की कोई उम्र नहीं होती। 66 वर्षीय वेट लिफ्टिर मोहन पाराशर ने इस बात को सच कर दिखाया है। उन्होंने मात्र 13 साल की आयु में वेट लिफ्टिंग शुरू की। अब 66 की उम्र में हरियाणा के लोहारू में खेली जाने वाली मास्टर्स वेटलिफ्टिंग राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर एकबार फिर खुद को साबित किया है। वह अब तक छह बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और पांच बार राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड हासिल कर सीहोर जिले का नाम विश्व में रोशन कर चुके है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा के लोहारू में मास्टर्स वेटलिफ्टिंग राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए 66 वर्षीय वेट लिफ्टिर मोहन पाराशर ने 135 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता के 65 से 69 आयु वर्ग और 95 किलोग्राम शरीर भार में गोल्ड हासिल किया। इससे पहले तीन बार विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके हैं एवं दो स्वर्ण पदक कॉमनवेल्थ में एवं एक स्वर्ण पदक एशियन गेम्स में प्राप्त कर चुके हैं। 66 वर्षीय मोहन पाराशर का कहना है जब तक जीवित हूं देश को पदक दिलाने का प्रयास करता रहूंगा। मात्र 13 साल की उम्र में जिला स्तर से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक गोल्ड हासिल करने वाले 66 वर्षीय वेट लिफ्टिर मोहन पाराशर ने ग्राम बिलकिसगंज का नाम विश्व पटल में रोशन किया है।
66 वर्षीय वेट लिफ्टिर श्री पाराशर ने बताया कि पूर्व में उनके द्वारा ग्रीस में आयोजित इंटरनेशनल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 148 किलोग्राम भार उठाकर गोल्ड हासिल किया था, अब सितंबर में अमेरिका में होने वाली वर्ल्ड चैम्पियनशिप की तैयारियां करेंगे। उन्होंने बताया कि मात्र 13 साल की उम्र से ही वेट लिफ्टिंग कर रहे है, वेट लिफ्टिंग करना मेरा जुनून है। यहीं कारण है कि उन्होंने 63 साल की उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1978 से 1982 तक लगातार पांच बार स्टेट चैम्पियन रहे हैं और उनकी कोचिंग सेंटर में आधा दर्जन से अधिक वेट लिफ्टिरों ने नेशनल और खेलों इंडिया आदि में मैडल हासिल किए हैं। जानकारी के अनुसार गत दिनों 63 वर्षीय वेटलिफ्टर मोहन पाराशर का 5वीं नेशनल मास्टर गेम्स 2023 उत्तरप्रदेश के वाराणसी में गोल्ड हासिल किया था, अब तक इंटर नेशनल स्तर पर करीब पांच गोल्ड के अलावा अब तक 100 से अधिक पदक प्राप्त करने वाले श्री पाराशर ने कहाकि वह चाहते हैं कि खिलाड़ियों को मंच मिले, अच्छा स्वास्थ्य मिले। खिलाड़ियों को इंस्पायर करने के लिए ही वे खेल से जुड़े हैं। उनकी कोचिंग में इस वक्त करीब 60 से ज्यादा वेटलिफ्टर्स ने क्षेत्र का नाम देश-प्रदेश में रोशन किया। इनसे कोचिंग लेने वाले कई खिलाड़ियों ने खूब कमाल भी दिखाया। श्री पाराशर ने बताया कि वह दिन में 6 घंटे तक प्रैक्टिस करते हैं। खिलाड़ियों को 2 शिफ्ट में कोचिंग देते हैं। बता दें, पाराशर ने सितंबर 2021 के दौरान ऑस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमनवेल्थ मास्टर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप के पहले दिन ही गोल्ड मेडल जीता था।

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