किसान कल्याण वर्ष 2026 - नरवाई प्रबंधन के प्रति किसानों को स्वयं जागरूक कर रहे कलेक्टर

सीहोर, 19 मार्च, 2026  मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, कृषि को अधिक लाभकारी बनाना, मृदा की उर्वरता को बढ़ाना तथा शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में सीहोर जिले में कलेक्टर श्री बालागुरू के. के द्वारा में किसानों एवं पर्यावरण के हित को ध्यान में रखते हुए नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

  कलेक्टर श्री बालागुरू के. स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं और उन्हें नरवाई नहीं जलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी इस सक्रिय पहल का उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण है, बल्कि मृदा की उर्वरता को बनाए रखना भी है, जिससे किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिल सके। इसी क्रम में कलेक्टर श्री बालागुरू के. सीहोर जिले के ग्राम नरसिंह खेड़ा एवं सेवनियां पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए नरवाई प्रबंधन के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि नरवाई जलाने से वातावरण प्रदूषित होता है तथा भूमि की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे उत्पादन क्षमता घटती है। इसलिए वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से नरवाई प्रबंधन अपनाना समय की आवश्यकता है।

कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने किसानों को जानकारी दी कि कृषि विभाग द्वारा नरवाई प्रबंधन के लिए विभिन्न अनुदानित मशीनें एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन मशीनों के उपयोग से नरवाई से भूसा तैयार किया जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होगा और उन्हें नरवाई जलाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।

   उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं अपनी भूमि की उर्वरता को बनाए रखने के लिए नरवाई न जलाएं और शासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं। कलेक्टर की इस पहल से जिले में जागरूकता बढ़ रही है और किसान भी नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

Post a Comment

0 Comments