जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वृहद मेगा शिविर आयोजित, 750 से अधिक नागरिकों को किया गया शासन की योजनाओं से लाभान्वित "मानसिक स्वास्थ्य एवं दिव्यांगजनों के अधिकार" रही शिविर की थीम ब्लड डोनेशन कैंप में एकत्रित किया गया 15 यूनिट रक्त, प्रधान जिला न्यायाधीश ने किया रक्तदान

सीहोर, 28 मार्च, 2026   जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सीहोर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में मेगा लीगल आउटरीच एवं जागरूकता शिविर "संवेदना" आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में कलेक्टर श्री बालागुरू के. और एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला सहित न्यायाधीशगण शामिल हुए।

  इस मेगा शिविर की मुख्य थीम मानसिक स्वास्थ्य एवं दिव्यांगजनों के अधिकार रखी गई, जिसमें जिले सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए और 750 से अधिक नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी प्रदान किए गए। प्रधान जिला न्यायाधीश ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और विभिन्न योजनाओं हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, टीएलएम किट, ब्रेल किट आदि प्रदान किए। मेगा शिविर में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में 15 यूनिट ब्लड एकत्रित किया गया, जिसमें प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अग्रवाल एवं न्यायाधीश श्री दीपेन्द्र मालू ने भी रक्तदान किया। इस दौरान टीबी स्क्रीनिंग एवं एक्स-रे के माध्यम से 51 लोगो का बी.पी. शुगर चेक किया गया और 350 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

 इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने दिव्यांगजनों के अधिकार, विधिक प्रावधान, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 में विधिक सेवा संस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यह संदेश दिया कि हम सभी संवेदनशील बने एवं दिव्यांगजनों के साथ हर जरूरतमंद की सहायता के लिए तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सभी विभागों को एक मंच पर लाकर आमजन को लाभान्वित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री वैभव मंडलोई द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम एवं मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं आयोजन के उ‌द्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये बताया गया कि इस कार्यक्रम का नाम संवेदना रखा गया क्योंकि इसका प्राथमिक उद्देश्य आमजन के मध्य संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर एनआईएमएचआर के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई।

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