बुजुर्गों को किया डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता से जागरूक आन लाइन से ठगी से बचने के लिए कार्यशाला का आयोजन


सीहोर। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में गुरुवार को सामाजिक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वाधान में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर यहां पर निवासरत बुजुर्गों को संबोधित करते हुए डिप्टी कलेक्टर प्रेम सिंह गौंड ने कहाकि प्रशासन का आश्रम के संचालक राहुल सिंह, पेंशन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा और संस्कार मंच के संयोजक जितेन्द्र तिवारी आदि के सहयोग से कार्यशाला बुजुर्गों को डिजिटल एवं वित्तीय रूप से साक्षर बनाना उन्हें आधुनिक दुनिया में सुरक्षित, स्वतंत्र और आत्मनिर्भर (आत्मविश्वास बढ़ाने वाला) बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके तहत ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन, और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने जैसे कौशल सिखाना अनिवार्य है।

इस मौके पर एक निजी बैंक के रीजनल मैनेजर प्रवीण मिश्रा, विवेक मोदी, संजय तिवारी आदि ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। अधिकारियों ने जोर दिया कि साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा सामाजिक न्याय विभाग से आए सावन गंगले और कृपाल सिंह चौधरी ने बताया कि कलेक्टर बालागुरु के और उप संचालक महेश यादव के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें आश्रम के संचालक राहुल सिंह आदि ने सहयोग किया।

वहीं श्रद्धा भक्ति सेवा समिति की ओर से मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि अपराधी अब कई माध्यमों से लोगों को भ्रमित कर जालसाजी कर रहे हैं। उन्होंने बैंकिंग, सोशल साइट्स और अन्य खातों की जानकारी हमेशा गोपनीय रखने का सुझाव दिया। आजकल साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा और डिजिटल ठगी जैसी घटनाएं लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। ठगी होने की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने या स्थानीय पुलिस थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क पर लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। उन्होंने अनजान कॉल, पुलिस अधिकारी बनकर किए जाने वाले फोन कॉल, स्मार्टफोन पर एप्लीकेशन भेजकर ठगी, ओटीपी, फिंगरप्रिंट क्लोन और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से सतर्क रहने को कहा।


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