पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश के साथ मनाया जाएगा गौकाष्ठ आधारित होलिका उत्सव "स्वच्छ और स्वस्थ होली" अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के शासन ने दिए निर्देश होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ का होगा प्रयोग

सीहोर, 28 फरवरी, 2026  शासन द्वारा इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश के साथ आने वाले होली के पावन पर्व को पर नागरिकों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि आपसी मतभेदों को मिटाकर भाईचारे, सामाजिक एकता और हर्षोल्लास के साथ होली का त्यौहार मनाने के लिए जन सामान्य को प्रोत्साहित किया जाए।

  शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से यह प्रयास किया जाए कि होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ का प्रयोग हो। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण और पानी बचाने के लिए प्राकृतिक व हर्बल रंगों से होली खेलने तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालने के संकल्प के साथ हुड़दंग से दूर रहकर भाईचारे के साथ होली का उत्सव मनाने लिए प्रोत्साहित किया जाए।

  शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि विशेष रूप से लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए जिले में विभिन्न स्तरों पर आयोजित किए जाने वाले सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों के निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की जाए। नगरीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं को इस कार्य में सम्मिलित किया जाए। पंजीयन के समय आयोजक संस्था की संक्षिप्त जानकारी जैसे पदाधिकारी, संपर्क नंबर इत्यादि प्राप्त किया जाए। होलिका दहन के दिन मैदानी अमले के साथ इन संस्थाओं द्वारा आयोजित सार्वजनिक होलिका दहन आयोजनों का भ्रमण कर, जलाऊ एवं इमारती वनों की लकड़ी के स्थान पर गौकाष्ठ आधारित होलिका दहन को प्रोत्साहित किया जाए।

   जारी निर्देशानुसार सभी जिलों के कलेक्टर जिले में इस प्रकार के गौकाष्ठ आधारित होलिका दहन आयोजन का सूचीकरण करेंगे। राज्य शासन के निर्देशानुसार आगामी दिनों में निर्धारित दिनांक या अवधि में सभी जिला मुख्यालयों में जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें ऐसी सभी संस्थाओं एवं उनके पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री की ओर से तैयार किया गया पर्यावरण संरक्षण संबंधित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा ऐसी संस्थाओं को भविष्य में अन्य किसी प्रकार से प्रोत्साहन या सहयोग में भी प्राथमिकता दी जाएगी। शासन द्वारा अभ्युदय मध्यप्रदेश अंतर्गत राज्य शासन की इस पहल को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक प्रचारित और प्रसारित करने के निर्देश दिए गए हैं और सभी जिले के कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि "स्वच्छ और स्वस्थ होली" के इस अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

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