सीहोर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश जीतु पटवारी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कार्यालय सीहोर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की उपस्थिति में आयोजित की गई। जिसमें राजीव गुजराती ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को खत्म करके। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू करने की कड़ी निंदा करती है।
इस मजदूर-विरोधी कानून में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुख्य भूमिका है, जो मोदी सरकार के इस हमले के प्रमुख शिल्पकार हैं। शिवराज जी, जो खुद को मामा और गरीबों का हितैषी बताते हैं, शिवराज जी ने संसद में इस विधेयक को पेश करके ग्रामीण गरीबों के काम के अधिकार को कुचल दिया है। यह महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने का अपमान है और करोड़ों मजदूरों की लाइफलाइन छीनने की साजिश है। शिवराज सिंह चौहान ने संसद में दावा किया कि मनरेगा में भ्रष्टाचार और कमियां थीं, लेकिन असलियत यह है कि भाजपा सरकार ने पिछले 11 सालों में मनरेगा को जानबूझकर कमजोर किया। अब नए कानून से मध्य प्रदेश के 92 लाख सक्रिय मजदूरों की रोजी-रोटी केंद्र की मर्जी पर निर्भर हो गई है।
शिवराज जी के मंत्री बनते ही मनरेगा की हत्या हो गई यह संयोग नहीं, सोची-समझी साजिश है
पांच करोड़ का अतिरिक्त बोझ का जिम्मेदार शिवराज सिंह चौहान को बताते हुए कहा कि शिवराज का वित्तीय धोखा-नए कानून से फंडिंग 60:40 प्रतिशत हो गई है, यानी राज्य को 40 प्रतिशत खर्च उठाना पड़ेगा। मध्य प्रदेश पर सालाना पांच करोड़ से ज्यादा का बोझ पड़ेगा, जबकि राज्य पहले से 4 लाख करोड़ कर्ज में है। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने संसद में इस विधेयक को पेश करके राज्य की कमर तोड़ दी।
मामा जी, क्या यह फेडरलिज्म है या गरीबों को सजा?
ई-केवाईसी और डिजिटल निष्कासन-शिवराज की तकनीकी साजिश है, जबकि मध्य प्रदेश में 90.5 प्रतिशत देश में सबसे ज्यादा मजदूरों का ई-केवाईसी लंबित है
आदिवासी इलाकों जैसे झाबुआ, मंडला, डिंडोरी में इंटरनेट नहीं है, लेकिन नए कानून से बायोमेट्रिक्स और डिजिटल सर्विलांस बढ़ेगा। शिवराज जी ने मंत्री के रूप में इस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम को थोपा, जिससे लाखों मजदूर बाहर हो जाएंगे। क्या यह गरीबों को बाहर करने की योजना थी?
60 दिनों का ब्लैकआउट-शिवराज की सामंती सोच
फसल मौसम में 60 दिनों तक काम बंद करने का प्रावधान मजदूरों को कम मजदूरी पर निजी खेतों में धकेलेगा। शिवराज ने संसद में इसे कृषि मजदूर उपलब्धता का बहाना बताया, लेकिन यह पलायन बढ़ाने की साजिश है। मध्य प्रदेश में पहले से पलायन की समस्या गंभीर है, मामा जी ने इसे और बढ़ावा दिया।
गांधी जी का नाम हटाना शिवराज की गांधी-विरोधी मानसिकता
मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाना भाजपा की ओछी सोच है। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने विधेयक पेश करते हुए इसका बचाव किया। क्या गरीबों का हक छीनना ही आपकी राजनीति है?
मांग-आधारित अधिकार से कोटा सिस्टम शिवराज का अधिकार छीनना मनरेगा मांग पर आधारित कानूनी अधिकार था, अब केंद्र कोटा तय करेगा। शिवराज जी ने दावा किया कि 125 दिन काम मिलेगा, लेकिन फंड सीमित होने पर मजदूर रोजगार से वंचित रहेंगे यह अधिकारों का हनन है।
यह कदम महात्मा गांधी के आदर्शों का सीधा अपमान है और ग्रामीण रोजग़ार पर खुली जंग का ऐलान है। रिकॉर्ड बेरोजग़ारी से भारत के युवाओं को तबाह करने के बाद, मोदी सरकार अब गरीब ग्रामीण परिवारों की बची हुई आखिरी आर्थिक सुरक्षा को निशाना बना रही है। हम सडक़ से लेकर संसद तक, हर मंच पर इस जन-विरोधी, मज़दूर-विरोधी और फ़ेडरल-विरोधी हमले का विरोध करेंगे।
हम इस जन-विरोधी, श्रमिक-विरोधी और संघीय-विरोधी हमले का हर मंच पर, सडक़ से लेकर संसद तक विरोध करते हैं।
भागीरथपुरा में ज़हरीले पानी से 20 मौतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च 11 जनवरी को इंदौर में होगा जनआक्रोश का प्रदर्शन
राजीव गुजराती ने बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में ज़हरीला एवं दूषित पानी पीने से अब तक 20 निर्दोष नागरिकों की मौत और 1000 से अधिक लोगों के बीमार होने की भयावह घटना ने भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक विफलता को उजागर कर दिया है। यह केवल हादसा नहीं, बल्कि शासन की आपराधिक लापरवाही का परिणाम है।
इन मौतों और आम नागरिकों की जान से खुलेआम खिलवाड़ के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिनांक 11 जनवरी 2026, रविवार को सुबह 11 बजे इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक स्थित माँ अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल तक प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च का आयोजन किया जा रहा है।
यह प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।
इस पैदल मार्च के माध्यम से कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें रहेगी कि इंदौर के नाकारा और असफल महापौर को तत्काल पद से हटाया जाए।
जनता के प्रति अमर्यादित भाषा और असंवेदनशील रवैये के लिए मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय का तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
जहरीले पानी से हुई मौतों के लिए सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपये का अपमानजनक मुआवजा बढ़ाकर प्रति मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये दिया जाए।
पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप दर्ज करते हुए कठोर कार्रवाई की जाए।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी स्पष्ट करती है कि जब तक पीडि़त परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक कांग्रेस सडक़ से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
यह पैदल मार्च केवल विरोध ही नहीं, बल्कि जनता के जीवन, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कोतवाली थाना प्रभारी की कार्य शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिनांक 1 सितंबर को जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने घटी घटना में बीजेपी नेताओं पर कार्यवाही ना करते हुए कांग्रेसी कार्यकर्ता पंकज शर्मा पर एक तरफा एफआईआर दर्ज कर दी थी, उसके बाद जरा सी कहा सुनी में भी कोतवाली थाना प्रभारी द्वारा हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज के प्रदर्शन के दौरान दो पक्षीय बहस में एक तरफा एफआईआर 1 नवंबर 2025 को अभिषेक गुजराती पर दर्ज कर दी। वहीं पीजी कॉलेज में वृक्षरोपण कार्यक्रम के दौरन प्रचार्य द्वारा अपना आपा खोकर छात्र नेताओं को धमकियां दी गाली गालौज की लेकिन इस मामले में भी एक तरफा कार्यवाही करते हुए एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने थाना प्रभारी पर एफआईआर दर्ज करा दी प्रश्न ये उठाता है। न्याय के मंदिर के प्रभारी आखिर किन धाराओं में एक तरफा कार्यवाहियां कर रहे हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी उनकी इस कार्य प्रणाली की निंदा करती है। शासकीय चन्द्रशेखर आज़ाद महाविद्यालय के प्रचार्य द्वारा लगतार भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जिसकी उच्च स्तरीय जाँच की भी मांग की गई। प्रेस वार्ता के माध्यम से जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने प्राचार्य के गैर जिम्मेदार आना कहते हैं कि लड़कियां कॉलेज आती हैं पढऩे या परीक्षा के बहाने और लडक़ों के साथ भाग जाती हैं जिला कांग्रेस कमेटी उनके इस बयान की निंदा करती है और और उच्च शिक्षा मंत्री से इस मामले में प्रचार्य की मांग की गई है।
वहीं प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने पत्रकारगणों के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय सीहोर में रोज नए कारनामे सामने आते हैं सडक़ किनारे मासूम का अंतिम संस्कार करना सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलती है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से घनश्याम यादव, विवेक राठौर, विष्णु प्रसाद राठौर, राजेन्द्र वर्मा, रमेश गुप्ता, अरूण राय, देवेन्द्र ठाकुर, घनश्याम मीणा, मजीद अंसारी, रामायण प्रसाद शुक्ला, तारा यादव, के.के.रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, भगत सिंह तोमर, मनीष मेवाड़ा, हरिओम सिसोदिया, तनिष्क त्यागी, लक्की सक्सेना, यश यादव, गजराज परमार, अनुभव सेन, जतिन परमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

0 Comments