वर्षा ऋतु में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के रोकथाम के लिए एडवायजरी

सीहोर,04 अगस्त,2025   वर्षा ऋतु में दूषित पेयजल के उपयोग से विभिन्न संक्रामक रोग (Water Borne Diseases) विशेषकर उल्टी, दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया, टाईफॉइड जैसे जल-जनित रोगों की अधिक संभावना होती है साथ ही जान भराव के कारण वेक्टर जनित रोग (Vector Borne Diseases) या मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया की अधिकता होती है। इस संबंध में मुख्य निकित्सा एवं अधिकारी डॉ सुधीर कुमार डेहरिया ने आमजनों को सावधनी बरतने की सलाह दी है।


समस्त चिकितसा संस्था प्रभारियो को निर्देशित


      वर्षा ऋतु में पेयजल की अशुद्धता के कारण संभावित संक्रामक रोग या उल्टी-दस्त-निर्जलीकरण आपेचिश पीलिया हैजा आदि की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए यथा संभव पेयजल स्त्रोंतों को समुचित Disinfection सुनिश्चित किया जाए। ब्लाक के समस्या मूलक ग्रामों का चिन्हांकन करते हुए जल-जनित रोगों के नियत्रण के लिए जन-सनुदाय में बचाव संबंधी जन-जागरूकताये पर्याप्त औषधि एवं सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। जिला एवं ब्लाकस्तर पर जल जनित रोग/जल भराव के कारण वेक्टर जनित रोग के प्रकरणों की दैनिक एन्द्री व निपार्टिंग IHIP Portal पर एएनएम द्वारा Form (Syndromic Form) पर एवं चिकित्सा अधिकारी द्वारा Form (Presumptive Form) पर सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकतानुसार प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए यथोचित सेम्पल प्रेषित करें।


      मुख्य निकित्सा एवं अधिकारी डॉ डेहरिया ने बताया कि ग्राम/वार्ड विशेष में 1000 की जनसख्या पर 45 प्रकरणे से अधिक जल जनित रोगों के प्रकरण की सूचना प्राप्त हाने पर IHIP Portal पर Event Generation सुनिश्चित किया जाए एवं घटना स्थल पर Outbreak Confirmation चिकित्सकीय दल भेजा जाए। समस्त आशा कार्यकर्ताओं के पास आगामी 3 माह केलिए जल जनित रोग नियंत्रण के लिए सगस्त आवश्यक औषधि-सामग्री यथा उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिला स्तर पर स्थापित कट्रोल/कमाड तटर पर त्वरित सूचना के के लिए समस्त विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया।


वर्षा ऋतु में पेयजल की अशुद्धता


      वर्षा ऋतु में सुरक्षित पेयजन स्त्रोतो का ही उपयोग करे। जल के दूषित होने की संभावना हो तो खुले कुओं का विसंक्रमण क्लोरिन की गोलियों का उपयोग करें। पानी के भण्डारण के लिए बर्तन मटका ड्रम को ढ़क कर रखें। पानी उबालकर उपयोग करे। ताज भोजन का ही सेवन करे तथा उपयोग में बचे/ ज्यादा देर का बना भोजन एवं बासी खाद्य वस्तुआ के प्रयोग से बचे, भोजन व अन्य खाद्य समाग्रियों को उचित ढक्कन से ढक कर रखें ताकि मक्खियों व धूल से लभावित दूषण को रोका जा सके। सडे-गले फटे एवं कटे हुये फल को न खरीदे । सब्जियों/फलो को साफ पानी से धोने के बाद ही उपयोग करें तथा साफ चाकू से काटे। हाट बाजारों में उपलब्ध चाट नाश्ता बना आदि के सेवन से बचे। खान बनाने परोसने व खाने के पहले हाथ साफ पानी व साबुन से अच्छी तरह धोये। शौच से आने के बाद हमेशा हाथ साफ पानी व साबुन से साफ करे एव मिट्टी का उपयोग न करे। खुल न शाच से बचे एवं शौचालयों को स्वच्छ रखें।

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