आर्थिक रूप से कमजोर प्रशिक्षणार्थियों की पहचान कर सुनिश्चित की जाए शुल्क सहायता - कलेक्टर उद्योगों की मांग अनुसार दिया जाए प्रशिक्षुओं को कौशल प्रशिक्षण - कलेक्टर प्रशिक्षण केंद्रों में अधिक से अधिक महिला पंजीयन किया जाए सुनिश्चित - कलेक्टर शासकीय आईटीआई में सुनिश्चित हों शत प्रतिशत प्रवेश - कलेक्टर जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित




सीहोर, 10 जुलाई, 2025    कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने शासकीय आईटीआई के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि आईटीआई में प्रवेश के लिए शत प्रतिशत सीटों पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर परामर्श सत्र भी आयोजित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर कौशल अंतर की पहचान की जाए और स्थानीय उद्योगों से वर्तमान में आवश्यक कौशल की जानकारी ली जाये। उद्योगों की मांग अनुसार प्रशिक्षणार्थियों को उस कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

    कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने निर्देश दिए कि आत्मनिर्भरता एवं आय वृद्धि के लिए नये कौशल विकास पाठ्यकमों की पहचान की जाए और उच्च मांग वाले लघु एवं दीर्घ कालिक पाठ्यक्रमों को शुरू किया जाए, ताकि युवाओं को रोजगार की संभावनाएं बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों के लिए समर्थन उद्योगों को सीएसआर कार्पोरेट सामाजिक उत्तर दायित्व के तहत आईटीआई में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अभ्यर्थियों के पास साधनों की कमी है या जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें समर्थन, छात्रवृत्ति, शुल्क माफी के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाए और औद्योगिक प्रयोजन के माध्यम से प्रशिक्षण तक उनकी पहुंच सुलभ करने के प्रयास किए जाएं।

  उन्होंने कहा कि जो प्रशिक्षु शुल्क का भुगतान नही कर सकते या जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, ऐसे सभी प्रशिक्षुओं की पहचान की जाए और जिला प्रशासन, विभागीय स्तर एवं सीएसआर फंडिंग के माध्यम से शुल्क सहायता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रशिक्षणार्थियों की सफलता की कहानियों को प्रकाशित किया जाए ताकि प्रशिक्षण लेने वाले नव प्रशिणार्थी उनकी कहानियों से प्रेरित हों और स्वयं की सफलता के लिए प्रयास करें। उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई एवं प्रशिक्षण केन्द्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए इनोवेशन क्लब या मिनी प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण गतिविधियों को शामिल किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के लिए महिला नामांकन को अधिक से अधिक बढ़ाने का प्रयास किया जाए। महिला उम्मीदवारों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रवेश अभियान, सेमीनार आयोजित किए जाएं और प्रशिक्षण केन्द्रों में सुविधाओं को महिलाओं के अनूकूल बनाने का कार्य किया जाए। बैठक में डीईओ श्री संजय सिंह तोमर, आईटीआई अधीक्षक श्री पीएस उईके सहित पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई कॉलेजों के प्राचार्य उपस्थित 


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