विवेचना एवं न्यायालयीन कार्यवाही में तेजी लाएं ताकि पीड़ितों को न्यय मिलने में देरी न हो- कलेक्टर श्री बालागुरू के. अत्याचार पीड़ितों के मामले में पूरी संवेनदशीलता के साथ कार्यवाही की जाए - कलेक्टर जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित



सीहोर, 10 जुलाई, 2025  अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्याचार पीड़ितों के मामले में पूरी संवेनदशीलता के साथ कार्यवाही की जाए ताकि व्यक्ति को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम का उद्देश्य इन समुदायों को भेदभाव और अत्याचारों से बचाना और उनके सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार को सुनिश्चित करना है।   


      कलेक्टर श्री बालगुरू के. ने कहा कि यह आवश्यक है कि अनुसूचित जाति जनजाति मामलों की विवेचना और न्यायालयीन कार्यवाही में तेजी लाई जाए। ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में प्रकरणों में राहत राशि जारी करने में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोक अभियोजन प्रभारी को निर्देश दिए कि न्यायालयों मे लंबित प्रकरणों में निर्णय होने के संबंध में त्वरित कार्यवाही कराएं। उन्होंने मामले में कार्यवाही कर रहे अधिकारियों को प्रचलित सभी प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए।     

   बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी ली। उन्होंने अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 अंतर्गत पीड़ितों को वितरित की गई राहत राशि की समीक्षा, हत्या के प्रकरणों में मासिक जीवन निर्वाह भत्ता, रोजगार तथा स्वरोजगार के लिए की गई कार्यवाही, उनके बच्चों की शिक्षा, पुलिस थानों में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा, बिना चालान के दो माह से अधिक अवधि से लंबित प्रकरणों की जानकारी तथा अस्पृस्यता निवारण के लिए अनूसूचित जाति के व्यक्तियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की।   

राहत राशि स्वीकृति/भुगतान

   बैठक में जानकारी दी गई कि पहली तिमाही में 01 जनवरी से 31 मार्च 2025 तक अनुसूचित जाति के 62 प्रकरणों में 76 लाख रुपये तथा अनुसूचित जनजाति के 12 प्रकरणों में 10 लाख 90 हजार रुपये की राशि स्वीकृत एवं भुगतान की गई। इसी प्रकार दूसरी तिमाही में 01 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक अनुसूचित जाति के 51 मामलों में 65 लाख 75 हजार रूपये तथा अनुसूचित जनजाति के 31 प्रकरणों में दो लाख 40 हजार रूपये की राशि स्वीकृत एवं भुगतान की गई। बैठक में अनुसूचित जनजातीय कार्य विभाग के जिला संयोजक श्री अरविंद कुशवाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 


 



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