सीहोर। सीहोर जिला चिकित्सालय में भर्ती प्रसुता महिला को गुरुवार की शाम को डिलेवरी के दौरान खून की कमी आ जाने पर बी पॉजिटिव ब्लड की अत्यंत आवश्यकता थी। इसकी खबर जैसे ही राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक यशराज चौहान को मिली, वह तत्काल जिला चिकित्सालय ट्रामा सेंटर पहुंचे जहाँ पर महिला की हालत काफी गंभीर थी, जरूरतमंद महिला को रक्तदान किया, जिससे उनकी जान बच सकी। ज्ञातव्य है कि स्वयं सेवक यशराज ने राष्ट्रीय सेवा योजना से जुडक़र सदैव इकाई स्तर पर ही नही बल्कि जिले में भी समाज हित में अपना योगदान देते आ रहे हैं। 21 वर्षीय युवा यशराज ने कहा कि रक्तदान से बडक़र कोई दान नही है। रक्तदान करने से किसी की जान तो बचती ही है साथ ही ब्लड का सर्कुलेशन भी होता है और कई प्रकार की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। युवावस्था मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पायदान होता है, इसलिये प्रत्येक युवाओं को समाजहित में अपना योगदान देना चाहिये। यदि हम किसी की मदद करेगें तो ईश्वर हमारी मदद करेगा।

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