25 सुत्रीय मांगों के निराकरण हेतु राज्य कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन




सीहोर। म.प्र. के कर्मचारियों की लम्बित 25 सुत्रीय मांगों के निराकरण के लिये म.प्र. राज्य कर्मचारी संघ जिला शाखा सीहोर ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर सुधीर सिंह कुशवाह को सौंपा। राज्य कर्मचारी संघ प्रांतीय कार्यकारिणी के आव्हान पर संघ की जिला शाखा ने आन्दोलन के प्रथम चरण में कर्मचारी हितेंशी मागों के निराकरण हेतु ज्ञापन सौंपा। जिसमें प्रमुख मांगों में मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना वरिष्टता के साथ लागू कि जावे।
  प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों की पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के अधीन उल्लेखित कर अति शीघ्र प्रारंभ की विभाग के संचालक के पदोन्नति आदेश में उल्लेख किया गया है। जावे जैसा कि पशुपालन
प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देते हुए एरियर्स की राशि का भुगतान किया जाए।
प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों सहित निगम मंडल इत्यादि के अधिकारी/कर्मचारी को गृह भाड़ा भत्ता व अन्य भत्ते सातवें वेतनमान अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों के समान दिया जावे।
प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों सहित पेंशनरों निगम मंडल इत्यादि में कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मंत्री परिषद के आदेश दिनांक 4 अप्रैल 2020 के संदर्भ में किया जावे।
विभिन्न विभागों के संवर्गों के वेतन विसंगति का निराकरण म.प्र. शासन द्वारा गठित वेतन आयोग द्वारा कराया जावे एवं वेतन आयोग के विचारणीय विषय के निर्देश जारी किए जावे।
नए शिक्षा संवर्ग (राज्य शिक्षा सेवा) में नियुक्त अध्यापक संवर्ग को नियुक्ति के स्थान पर संविलियन के आदेश जारी कर सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक (शिक्षाकर्मी, संविदा शिक्षक, गुरुजीओ) के पद पर नियुक्ति के दिनांक से करते हुए वरिष्ठता के आदेश जारी कर, क्रमोन्नति
का लाभ दिया जावे।
मध्य प्रदेश वित्त विभाग पत्र दिनांक 14/8/23 के द्वारा चतुर्थ समय मान वेतनमान प्रदान करने के आदेश दिए गए थे परंतु शिक्षा विभाग में शिक्षक संवर्ग के सहायक शिक्षक / उच्च श्रेणी शिक्षक को चतुर्थ समय मान वेतन प्रदान नहीं किया गया है नियुक्ति दिनांक से समस्त शिक्षक वर्ग को 35 वर्ष पूर्ण होने पर चतुर्थ समय मान वेतन प्रदान किया जावे।
लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान दिया जाये एवं लिपिक संवर्ग को भी उच्च पदभारके आदेश जारी किए जावे।
नवीन नियुक्तियों में स्टाय फंड (70,80,90 प्रतिशत) की व्ययवस्था को समाप्त कर 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के पूर्ववर्ति नियम को लागू किया जावे।
मांगों के निराकरण ना होने की दशा में आन्दोलन के द्वितीय चरण में दिनांक 17 अक्टुबर को बल्लभ भवन भोपाल में जंगीय प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जायेगा।
प्रथम चरण के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में गोपाल सिंह ठाकुर, अनिल शर्मा, कुन्दन राय, संतोष सिंह, कमल सिंह ठाकुर, संतोष जैन संतु, अंकुर शर्मा, मनोज व्यास, अभिषेक भार्गव, नरेन्द्र कुमार, अर्जुन सौलंकी, जीवन सिंह ठाकुर, दशरथ सिंह ठाकुर, प्रदीप जोशी, सरनाम सिंह राने, दौलतराम अहिरवार, अरूण जोशी, बलराम पंवार, गायत्री ठाकुर, सुरेन्द्र यादव, लक्ष्मण सिंह मेवाड़ा, केशरीमल राजपूत, मुकेश राठौर, के.एस.ठाकुर, प्रकाश मेवाड़ा, लखन बकोरिया, रामपाल मीणा, विक्रम सिंह मेवाड़ा, सतीष बैरागी, मुकेश सेन, कैलाश सिंह पांचाल, हरिनारायण पचवारिया, अक्षी राय, किरण भल्लावी, दिपिका नागर, कल्पना वर्मा, संजय सक्सेना, प्रदीप नागिया, राजपाल गिरोठिया, मनीष सारसिया, महेन्द्र सिंह मालवीय, योगेश त्यागी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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