समाज के शहीद हुए पूर्वजों को पुष्प अर्पित कर दी सामूहिक श्रद्धांजली


सीहोर । पालीवाल समाज पूरे देश में अपनी प्रतिष्ठा के नाम से जाना जाता है समाज में स्वाभिमान की भावना आज भी कूट कूटकर भरी है समाजजन शहर पाली में एक जुट होकर निवास करते थे उनमें समाज के प्रति मदद करने की भावना थी यदि कोई पालीवाल निर्धन ग़रीब होता था तो उसे एक ईट और एक रुपया देकर उसकी मदद की जाती थी लगभग 738 वर्ष पूर्व समाज के सामने एक दुखद भरा काला दिन आया वह दिन श्रावण पूर्णिमा का था एक मुस्लिम राजा द्वारा पालीवालों की प्रगति देखी नहीं गई क्योंकि पालीवाल समाज व्यवसाय एवं उद्योग के क्षेत्र में काफ़ी प्रगति कर रहा था समाज का व्यापार देश से लेकर विदेश तक फैला हुआ था मुस्लिम राजा ने सोचा क्यों ना इस व्यवसाय पर क़ब्ज़ा कर पालीवाल समाज को यहाँ से खदेड़ दिया जाए युद्ध हुआ पालीवाल समाज ने जमकर वहाँ के राजा से मुक़ाबला किया इतिहास बताता है कि समाज की इस युद्ध में सवामन जनेऊ उतरे थे पालीवाल समाज ने अपनी स्वाभिमान का परिचय देते हुए वहाँ से पाली छोड़कर अन्य स्थानों पर बस गए शहर पाली में स्थित उनकी याद में धौला चौतरा नाम का स्मारक बनाया गया वहाँ श्रावण पूर्णिमा को प्रति वर्ष श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है इस उपलक्ष में पालीवाल समाज सीहोर द्वारा भी एक जुट होकर समाज के अध्यक्ष अशोक पालीवाल के निवास स्थान पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई इस मौक़े पर समाज के अध्यक्ष अशोक पालीवाल, मोहन पालीवाल,अनिल पालीवाल, राज् रत्न पालीवाल, लीलाधर जी पालीवाल, ब्रिजेस पालीवाल, नरेंद्र पालीवाल, राजेंद्र पालीवाल, सक्षम पालीवाल ,विपिन पालीवाल, विनय पालीवाल, डॉक्टर आशुतोष शर्मा, नीरज पालीवाल ,आशीष पालीवाल , अर्पित पालीवाल ,यशु पालीवाल सहित काफ़ी संख्या में पालीवाल समाज के पुरुष एवं मातृशक्ति मौजूद थी । कार्यक्रम के अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी अनिल पालीवाल द्वारा समाज के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला गया ।



 

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