सीवन उगल रही है गीता पुराण,देवी देवताओं की चित्र जलकुंभी व कचरे के साथ गंदे स्थानों से सीवन स्वच्छता एवं जलकुंभी निकालो अभियान जोरों पर,महिला घाट से पहुंचा चद्दरपुल



सीवन को कि जीवन दायिनी के साथ मोक्षदायिनी नदी है सीहोर की जिसकी कुछ महीने पहले दशा से सभी परिचित है,एक समय से जल जले ऑयल के समान था,लेकिन सीवन पुत्र टीम की मेहनत को पूरा देश जानता है,जिस महिला घाट को स्वच्छ किया था वहां पर सावन महीने में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कावड़ का जल भरा, 10 महीने से लगातार सीवन अभियान पूरे देश में काम कर रहा है नदी संरक्षण के लिए सीवन अभियान एक क्रांति है जो नदियों की दिशा को बदलकर रखेगी ,सीवन अभियान के तहत महिला घाट से अभियान शुरू हुआ,पिछले तीन दिनों से चद्दर पुल पर स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म के गीता, पुराण रामायण, हनुमान चालीसा देवी देवताओं के चित्र आदि गंदे स्थान से निकले, वहीं पर कचरा हुआ जलकुंभी भी निकल गई, ज्ञात होगी जलकुंभी निकालो अभियान निरंतर अपनी गति में है और शिवम पुत्र टीम का संकल्प है कि 2026 में सीवन में जलकुंभी ना हो क्योंकि जलकुंभी पानी को सोख लेती है और एक बूंद पानी देखने को नहीं मिलता सीवन में


सीवन अभियान के तहत सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने बताया कि

लगातार सीवन अभियान से लोग जुड़ रहे हैं साथ ही साथ अन्य नदियों के संरक्षण के लिए भी अन्य राज्यों से सीवन अभियान से लोग जुड़े हैं, उन्होंने सीवन को एक नई क्रांति बताया संरक्षण के लिए


सीवन अभियान में जो अपनी प्रमुख भूमिका अदा कर रहे हैं सीवन पुत्र के रूप में मुकेश राय, प्रकाश यादव, कनीराम मालवीय, वैभव राठौर, जगदीश वर्मा, कैलाश चव्हाण,लक्ष्मण सिंह चौकसे, प्रदीप साबू,राधेश्याम मकवाना,राजकुमार सोनी,हरिनारायण ठेकेदार,सुरेश भगत अशोक नामदेव,वीरेंद्र सिंह बिसोरिया,संतोष सिंह सिसोदिया,प्रदीप चावड़ा, सचिन प्रजापत, वैभव केवट,कमल केवट,ललिता कुशवाह,अलका कुशवाहा,सीमा शर्मा,ज्योति चावड़ा आदि ।


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