कुबेरेश्वरधाम में आज मनेगा शरद पूर्णिमा महोत्सव, श्री मुरली मनोहर मंदिर में होंगे दिव्य श्रृंगार और चंद्र दर्शन शिव के चंद्रमौली, प्रभु श्रीरामचंद्र और श्रीकृष्णचंद्र के दिव्य स्वरूपों की एक साथ दिखेगी झलक, रात्रि 9 बजे से सजेगा डांडिया महोत्सव भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने की प्रसादी ग्रहण


सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित श्री मुरली मनोहर मंदिर, कुबेरेश्वरधाम में आज रविवार को शरद पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में विठलेश सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में भगवान श्री मुरली मनोहर का दिव्य श्रृंगार, चंद्र दर्शन, राधा नाम संकीर्तन और डांडिया महोत्सव विशेष आकर्षण रहेंगे। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। महोत्सव के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक व्यवस्था रहेगी। मंदिर में भगवान शिव के चंद्रमौली स्वरूप, प्रभु श्रीरामचंद्र और भगवान श्रीकृष्णचंद्र के दिव्य स्वरूपों की झलक विशेष श्रृंगार के माध्यम से एक साथ देखने को मिलेगी। यह दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।

चंद्र दर्शन और चंद्र खीर के दर्शन होंगे विशेष

महोत्सव के अंतर्गत रात्रि 7 बजे भगवान श्री मुरली मनोहर का दिव्य श्रृंगार और चंद्र खीर के दर्शन होंगे। इसके बाद शाम 7:30 बजे से रात 9 बजे तक राधा नाम संकीर्तन किया जाएगा। रात 9 बजे से डांडिया महोत्सव आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के साथ सहभागिता करेंगे। मंदिर परिसर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों से वातावरण भक्तिमय बनेगा।

शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की किरणों का विशेष महत्व

अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शरद पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणों को अमृतमयी माना जाता है। इसी मान्यता के चलते शरद पूर्णिमा पर खीर बनाकर उसे चांदनी में रखने और बाद में प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा प्रचलित है। इससे पहले शनिवार को कुबेरेश्वरधाम पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को विठलेश सेवा समिति की ओर से भोजन प्रसादी वितरित की गई। इस सेवा कार्य में पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सेवाभावी लोगों ने सहयोग किया।

विशेष श्रृंगार और फूलों से सजाया मंदिर परिसर

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि पवित्र कंकर-शंकर की भूमि कुबेरेश्वरधाम स्थित श्री मुरली मनोहर मंदिर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को भगवान के मनमोहक श्रृंगार, चंद्र दर्शन और राधा नाम संकीर्तन में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में समिति के पदाधिकारियों ने मंदिर में विराजमान भगवानों का विशेष श्रृंगार के साथ फूलों से सजाया है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं से महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्री मुरली मनोहर के दर्शन करने तथा धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करने की अपील की। विठलेश सेवा समिति द्वारा आयोजन की तैयारियां की गई हैं।


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