सीहोर, 24 अक्टूबर 2026। सूर्या फाउंडेशन द्वारा संचालित माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, सीहोर में एक दिवसीय कन्या कौशल शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता एवं जीवनोपयोगी कौशलों का विकास करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य डॉ. विनीत गाबा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने *“असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय”* श्लोक के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने श्लोक की व्याख्या करते हुए अज्ञान से ज्ञान, अंधकार से प्रकाश तथा अविवेक से विवेक की ओर बढ़ने के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर गायत्री परिवार से पधारे अतिथियों *डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. उर्वशी सोनी, श्री देवेंद्र श्रीवास्तव, श्री विमल तेजराज, श्रीमती पारुल गुप्ता एवं श्री अशोक सक्सेना* का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अतिथियों ने अपने विचारों एवं मार्गदर्शन से छात्राओं को प्रेरित किया।
शिविर के दौरान गायत्री मंत्र के अर्थ, महत्व एवं जीवन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही *“शिक्षा के साथ विद्या क्यों आवश्यक है?”* विषय पर सारगर्भित चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कार, नैतिक मूल्य एवं जीवनोपयोगी ज्ञान व्यक्ति के व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में बालिकाओं के दोहरे दायित्व, वर्तमान समय में करियर निर्माण तथा परिवार एवं समाज के विकास में उनकी भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार व्यक्त किए गए। अतिथियों ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, अपनी प्रतिभा पहचानने, जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने तथा संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विद्यालय के उपप्राचार्य श्री लोकेश सिंह सहित शिक्षकगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन विद्यालय के शिक्षक श्री अमित दुबे द्वारा किया गया।
शिविर के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं जिम्मेदार नागरिकता के महत्व को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

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