सीहोर। जिले के दर्जनों गांवों के किसानों ने बरखेड़ी विद्युत मंडल सब स्टेशन पर एकत्रित होकर रात में बिजली कटौती और खेतों व गांवों के आसपास झूलते विद्युत तारों की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। किसान एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा, क्षेत्रीय जनपद सदस्य और अन्य किसानों के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में विद्युत मंडल के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर समस्याओं के निराकरण और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई।
किसानों का आरोप है कि रात्रि 8 बजे से सुबह तक हर दो घंटे में बिजली कटौती की जाती है, जिसके कारण उन्हें पूरी रात में करीब 6 से 7 घंटे तक बिजली नहीं मिल पाती। इससे खेती-किसानी और सिंचाई के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली कटौती से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खेतों और गांवों के आसपास झूलते 11 केवी विद्युत तारों की समस्या भी उठाई। किसानों का कहना है कि विद्युत मंडल की लापरवाही के कारण करंट लगने से कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कुछ लोगों और गाय-भैंस जैसे मवेशियों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से किसानों में आक्रोश है।
किसान एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने कहा कि पिछले तीन महीने से 25 गांवों के 500 से अधिक किसान भोपाल और सीहोर में लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसान जल सत्याग्रह, पेड़ों पर घंटियां बजाकर प्रदर्शन और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अपनी मांगें उठाकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
किसानों की प्रमुख मांग है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय होने वाली बिजली कटौती बंद की जाए। उनका कहना है कि यदि बिजली कटौती आवश्यक है, तो इसके लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जाए, ताकि किसानों को पूरी रात अंधेरे और परेशानी का सामना न करना पड़े तथा सिंचाई कार्य प्रभावित न हों।
इसके अलावा किसानों ने विद्युत दुर्घटनाओं के मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि करंट से हुई दुर्घटनाओं के संबंध में लाइनमैनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही सीहोर विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और श्यामपुर के सहायक यंत्री की भूमिका की भी जांच की जाए। यदि जांच में लापरवाही प्रमाणित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक रात की बिजली कटौती की समस्या का समाधान नहीं होता और विद्युत दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर सीहोर, भोपाल और शाजापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के गांवों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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