गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं और सही राह दिखाते हैं-अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा हरतालिका तीज श्री शिव महापुराण के तीसरे दिन व्रत की महिमा का किया विस्तार से वर्णन, नेपाल से आई श्रद्धालु ने सुनाई पशुपतिनाथ व्रत से पति के स्वस्थ होने की अनुभूति


सीहोर। गुरु का जीवन में होना केवल मार्गदर्शन प्राप्त करना नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का माध्यम है। गुरु हमें सही राह दिखाते हैं और उनकी कृपा से जीवन के अनेक संकट दूर हो जाते हैं। जब कोई मनुष्य भगवान शिव, अपने गुरु और माता-पिता के समीप रहकर उनकी सेवा और आराधना करता है, तो जीवन के बड़े से बड़े कष्ट भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं। सनातन धर्म में भगवान शिव, गुरु और माता-पिता का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उक्त विचार अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने जिला मुख्यालय पर जारी ऑनलाइन पांच दिवसीय हरतालिका तीज श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। कथा का ऑनलाइन प्रसारण होने के कारण देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु अपने घरों से ही कथा का श्रवण कर रहे हैं और भगवान शिव की महिमा से जुड़ रहे हैं।

शिव, गुरु और माता-पिता के समीप बैठने मात्र से मिलता है आत्मिक बल

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि आज मनुष्य अपने जीवन की अनेक परेशानियों का समाधान बाहर तलाशता है, जबकि सनातन परंपरा ने सदैव उसे अपने भीतर और अपने आराध्य के समीप जाने का मार्ग बताया है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को भगवान के पास, गुरु के पास और अपने माता-पिता के पास कुछ समय अवश्य बैठना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के चरणों में बैठकर की गई प्रार्थना, गुरु के सान्निध्य में प्राप्त मार्गदर्शन और माता-पिता के आशीर्वाद में अद्भुत शक्ति होती है। इन तीनों के समीप बैठने से मन को शांति मिलती है और जीवन की परेशानियों का सामना करने का आत्मिक बल प्राप्त होता है।

हरतालिका तीज व्रत की महिमा का किया विस्तार से वर्णन

पंडित मिश्रा ने भादो माह में महिलाओं द्वारा किए जाने वाले प्रमुख व्रत हरतालिका तीज का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में हरतालिका तीज का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना, तपस्या, श्रद्धा और अटूट विश्वास से जुड़ा हुआ है। कथा में उन्होंने माता पार्वती की तपस्या और भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए किए गए व्रत एवं साधना के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई आराधना मनुष्य के जीवन को नई दिशा प्रदान करती है। उन्होंने महिलाओं को व्रत के धार्मिक महत्व के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण की भावना से भी अवगत कराया।

नेपाल से आई श्रद्धालु ने सुनाई पशुपतिनाथ व्रत की महिमा

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने नेपाल से प्राप्त एक श्रद्धालु के पत्र का उल्लेख करते हुए पशुपतिनाथ व्रत की महिमा भी बताई। उन्होंने कहा कि नेपाल की एक महिला वर्ष 2015 से लगातार भगवान शिव की भक्ति से जुड़ी हुई हैं। उनके पति की तबीयत लंबे समय से खराब थी। अनेक प्रकार की जांच कराने के बाद भी बीमारी का पता नहीं चल पा रहा था और समय के साथ उनकी परेशानी बढ़ती जा रही थी। इसी दौरान उन्होंने टीवी के माध्यम से पशुपतिनाथ व्रत के बारे में जानकारी प्राप्त की और श्रद्धा एवं विश्वास के साथ इस व्रत को किया। श्रद्धालु के अनुसार, इसके बाद उनके पति के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और अब वे पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। महिला ने अपनी अनुभूति में भगवान शिव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिव की कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हुईं।

नेपाल से परिवार सहित पहुंची श्रद्धालु, व्यासपीठ का लिया आशीर्वाद

भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और विश्वास को लेकर नेपाल से श्रद्धालु अपने परिवार के साथ कुबेरेश्वरधाम पहुंची। यहां उन्होंने कथा स्थल पर पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान श्रद्धालु ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और कहा कि शिव भक्ति से जीवन में विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कथा के माध्यम से नेपाल सहित देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक भगवान शिव की महिमा और सनातन परंपराओं का संदेश पहुंचने पर उपस्थित श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया।

सितंबर में उत्तरप्रदेश और सीहोर में होंगी आगामी शिव महापुराण कथाएं

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कथा के दौरान आगामी आयोजनों की जानकारी भी दी गई। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर से 17 सितंबर तक उत्तरप्रदेश के ऊंचाहार में भव्य श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर से 26 सितंबर तक सीहोर शहर के बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में अग्रवाल महिला मंडल के तत्वावधान में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। 


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