आज कुबेरेश्वरधाम पर विराजेंगे भगवान गणेश, 1100 शुद्ध घी के लड्डुओं का लगेगा भोग हरतालिका तीज पर दो क्विंटल फूलों से सजेगा भव्य फूलेरा, महिलाओं के लिए होंगे भजन-कीर्तन रविवार को 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए भगवान शिव के दर्शन, अभिषेक और आरती में हुए शामिल


सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में हर साल की तरह इस वर्ष भी गणेशोत्सव और हरतालिका तीज का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर कुबेरेश्वरधाम पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सोमवार को भगवान गणेश की विधि-विधान से स्थापना के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा। वहीं हरतालिका तीज के अवसर पर धाम परिसर में विशेष फूलों का फूलेरा सजाया जाएगा। गणेशोत्सव और हरतालिका तीज को लेकर कुबेरेश्वरधाम पर श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल है। आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने की संभावना है।

गणेशोत्सव को लेकर विठलेश सेवा समिति की ओर से भगवान गणेश को 1100 शुद्ध घी के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद भोग एवं भोजन प्रसादी का श्रद्धालुओं के बीच वितरण किया जाएगा। भगवान गणेश की स्थापना धाम परिसर में स्थित मुरली मनोहर मंदिर के नीचे व्यासपीठ के समीप बनाए गए विशेष स्थान पर भव्य रूप से की जाएगी। शाम के समय भगवान गणेश एवं बाबा की विशेष आरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। हरतालिका तीज को लेकर भी धाम पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पर्व के अवसर पर करीब दो क्विंटल फूलों से भव्य फूलेरा सजाया जाएगा। फूलेरा को आकर्षक रूप देने के लिए विभिन्न प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु धाम पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगी और भजन-कीर्तन में शामिल होंगी। हरतालिका तीज के अवसर पर महिलाओं द्वारा भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना की जाएगी।

गणेशोत्सव की तैयारियों को दिया अंतिम रूप

सोमवार को होने वाले गणेशोत्सव को लेकर विठलेश सेवा समिति के पदाधिकारियों और सेवाभावी सदस्यों ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया। समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सेवकों ने भगवान गणेश की स्थापना, पूजा-अर्चना, भोग एवं प्रसादी वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। धाम परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है। समिति की ओर से बताया गया कि गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश की स्थापना के साथ नियमित पूजा-अर्चना और आरती की जाएगी। श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना में शामिल हो सकेंगे। धार्मिक आयोजन को लेकर धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

रविवार को पहुंचे 30 हजार से अधिक श्रद्धालु

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि रविवार को भी कुबेरेश्वरधाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विठलेश सेवा समिति की ओर से पांच क्विंटल मावे की बर्फी का भोग लगाया गया तथा भोजन प्रसादी का वितरण किया गया। धाम पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने मुरली मनोहर मंदिर में विराजमान भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान राम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा के दर्शन किए। इसके बाद श्रद्धालु भगवान शिव के अभिषेक में शामिल हुए। शाम को आयोजित बाबा की आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की।

आस्था के साथ उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

रविवार को सुबह से ही धाम परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं ने पहले मंदिर में दर्शन किए और इसके बाद भगवान शिव का अभिषेक किया। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहा। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए नजर आए। रविवार को 30 हजार से अधिक श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मुरली मनोहर मंदिर में विराजमान भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान राम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा के दर्शन किए। इसके बाद भगवान शिव का अभिषेक कर बाबा की आरती में सहभागिता की। सोमवार को भगवान गणेश महोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। भगवान गणेश को मुरली मनोहर मंदिर के नीचे व्यासपीठ के समीप भव्य रूप से विराजमान किया जाएगा। भगवान को 1100 शुद्ध घी के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा और इसके बाद श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की जाएगी। वहीं हरतालिका तीज के अवसर पर दो क्विंटल फूलों से फूलेरा सजाया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में महिला श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता रहेगी।


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