25 से 31 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह का सात दिवसीय आयोजन, जिलेभर में होंगे विविध कार्यक्रम

सीहोर। संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं जन-जन तक इसके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से संस्कृतभारती जिला सीहोर द्वारा 25 से 31 अगस्त 2026 तक सात दिवसीय संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। सप्ताहभर जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थानों में शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित होंगी।

 संस्कृतभारती के जिला मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि संस्कृत सप्ताह का उद्देश्य संस्कृत को केवल अध्ययन की भाषा न मानकर दैनिक जीवन और व्यवहार की भाषा के रूप में स्थापित करना तथा नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपरा से जोड़ना है।

जिलाध्यक्ष पंडित पृथ्वीवल्लभ दुबे ने बताया कि 25 अगस्त को शुभारंभ के साथ संस्कृत जागरूकता अभियान एवं तिलक कर शुभकामनाएँ दी जाएँगी। 26 अगस्त को संस्कृत जनसंपर्क एवं संभाषण दिवस के अंतर्गत घर-घर और विद्यालयों में संस्कृत के सरल वाक्यों का अभ्यास कराया जाएगा। 27 अगस्त को श्लोक-पाठ, सुभाषित वाचन, संस्कृत भाषण, निबंध, सुलेख, प्रश्नोत्तरी और संस्कृत गीत जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी।

उन्होंने बताया कि 28 अगस्त, श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विश्व संस्कृत दिवस मनाया जाएगा। इस दिन वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत और श्रीमद्भगवद्गीता का पूजन एवं संस्कृत गौरव कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर में भी 28 अगस्त 2026 को संस्कृत दिवस/श्रावणी पर्व के रूप में अंकित किया गया है।

29 अगस्त को संस्कृत साहित्य एवं संस्कृति दिवस के अवसर पर पुस्तक प्रदर्शनी, काव्य-पाठ, सुभाषित वाचन, परिचर्चा और व्याख्यान आयोजित होंगे। विद्यार्थियों को महर्षि वाल्मीकि, वेदव्यास, कालिदास, भवभूति और बाणभट्ट जैसे महान साहित्यकारों के योगदान से परिचित कराया जाएगा।

30 अगस्त को संस्कृत की वर्तमान उपयोगिता, रोजगार, शिक्षा और आधुनिक तकनीक में संस्कृत की भूमिका विषय पर विद्वत् गोष्ठी आयोजित होगी । वहीं 31 अगस्त को समापन समारोह में सप्ताहभर की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और दैनिक जीवन में अधिकाधिक प्रयोग का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

संस्कृतभारती के जिला प्रचार प्रमुख जितेन्द्र राठौर ने कहा कि संस्कृत सप्ताह के माध्यम से समाज में यह संदेश पहुँचाया जाएगा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान, संस्कृति, दर्शन और वैज्ञानिक चिंतन की समृद्ध परंपरा की वाहक है।

जिला सहमंत्री सुरेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि संस्कृत सप्ताह के सफल संचालन हेतु आयोजित जिला बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों के संयोजक नियुक्त किए गए हैं। इनमें जितेन्द्र कुमार सिंह, लखनलाल महेश्वरी, डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा, नितेश जायसवाल, जितेन्द्र शर्मा, विष्णुप्रसाद परमार, श्रीमती बसंती यादव, नंदराम वर्मा, मनोज विश्वकर्मा, जितेन्द्र राठौर, सुरेन्द्र यादव, राकेश सिंह और श्रीमती कृष्णा सोलंकी सहित अनेक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।


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